तमिलनाडु में पुलिस बर्बरता को लेकर चल रही बहस के बीच चेन्नई से एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पुलिसकर्मी को एक छात्र के बाल पकड़कर और पाइप जैसी वस्तु से पीटते हुए देखा गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, लेकिन इसके साथ ही एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है, जिसने मामले को नया मोड़ दे दिया है। दूसरे वीडियो में वही छात्र पुलिसकर्मी का बचाव करता नजर आ रहा है।
वीडियो में दिख रहा है कि पुलिसकर्मी हारी के छात्र को बालों से पकड़कर मार रहा है। बताया गया है कि यह घटना एक साल पहले की है, लेकिन वीडियो हाल ही में वायरल हुआ। वहीं, पुलिसकर्मी हारी ने एक और वीडियो जारी किया है जिसमें वही छात्र कैमरे के सामने कहता है, “ये घटना एक साल पहले की है। अब मैं काम पर जा रहा हूं। मैं उसे अच्छे से जानता हूं। मैं अब शराब नहीं पीता। उसने मुझे दो बार जेल जाने से बचाया। वो मेरी मदद ही करता था क्योंकि मैं पढ़ाई कर रहा था और मेरी सिर्फ मां है।”
यह वीडियो ऐसे समय पर सामने आया है जब तमिलनाडु में 27 वर्षीय अजीत कुमार की पुलिस हिरासत में मौत ने प्रदेश भर में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अजीत के शरीर पर 44 चोटों का जिक्र है, जिसमें पीठ, मुंह और कानों में मिर्च पाउडर लगाए जाने का भी उल्लेख है। मद्रास हाई कोर्ट ने इसे “क्रूर कृत्य” करार देते हुए कहा था कि “राज्य ने अपने ही नागरिक को मार डाला है”।
इस बीच थेनी जिले से भी एक और पुलिस बर्बरता का वीडियो सामने आया है, जिसे एक वकील पांडियाराजन ने RTI के माध्यम से प्राप्त कर सार्वजनिक किया। यह वीडियो 14 जनवरी 2025 का है, जिसमें एक ऑटो चालक रमेश को देवनाथपट्टी पुलिस स्टेशन के अंदर पुलिस द्वारा बुरी तरह पीटा जाता दिखाया गया है। रमेश को नशे की हालत में सार्वजनिक उपद्रव के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
இன்னும் சிவகங்கை முடியவில்லை அதற்குள்
தேனி தேவதானப்பட்டியில் காவல் நிலையத்தில் இளைஞரை சரமாரியாக தாக்கிய போலீசார் – அதிர்ச்சி சிசிடிவி காட்சிகள்… #shameonyouMkstalin @NewsJTamil @mkstalin @DMKITwing @PTTVOnlineNews @polimernews @annamalai_k #JusticeForAjithkumar pic.twitter.com/qNXBxk8bKt— JSK@Jananii SATHISHKUMAR-SAY YES TO WOMEN SAFETY (@JananiiSathish) July 2, 2025
वकील पांडियाराजन ने कहा कि उन्होंने वीडियो इसलिए जारी किया ताकि यह सामने लाया जा सके कि तमिलनाडु में पुलिस अत्याचार एक नियमित समस्या बन चुकी है। अजीत कुमार की मौत पर कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मामला CBI को सौंपने की घोषणा की है। उन्होंने इसे “अवांछनीय” करार देते हुए कहा कि “ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए” और CBI को पूर्ण सहयोग देने का वादा किया।
अब सवाल यह है कि क्या चेन्नई के इस छात्र का बचाव बयान दबाव में आया या यह वास्तव में एक सकारात्मक बदलाव की कहानी है? लेकिन एक के बाद एक पुलिस बर्बरता के वीडियो सामने आने से राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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