बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने गुरुवार को अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें मर्यादा समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे छोटे भाई हैं, उन्हें समझना चाहिए कि कौन राम है और कौन लक्ष्मण है। उनको मर्यादा देखनी चाहिए। बड़े भाई का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि वे जो भी कर रहे होंगे, वे अपनी बुद्धि और विवेक से कर रहे होंगे।
तेज प्रताप यादव ने महुआ जाने से पहले पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि विजयादशमी में भी हम जनता के बीच हैं। अपना पूरा जीवन जनता के लिए न्योछावर कर दिया है। इस दौरान तेज प्रताप यादव ने लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं भी दी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने पर पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने कहा कि आजादी में आरएसएस का कोई योगदान नहीं रहा है। महात्मा गांधी के साथ क्या हुआ, वह दुनिया जानती है। हम लोग महात्मा गांधी को मानने वाले लोग हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरे पर तेज प्रताप यादव ने कहा, “अब वे विदेश गए हैं, वे जानेंगे। वे सोच रहे होंगे कि उनके घूमने से लोगों का भला होगा तो वे घूम रहे होंगे। वे अपना भला कर रहे होंगे।”
’आई लव मोहम्मद’ के विवाद पर उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए। हम तो सभी धर्म को मानते हैं तो हमें भी आकर गिरफ्तार कर ले। हम लोग सभी धर्म को लेकर चलते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी धर्म का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश-दुनिया किधर जा रही है? इस देश की स्थिति बदतर हो गई है। जनता सब देख रही है।
विजयादशमी को लेकर उन्होंने कहा कि रावण कोई नहीं होता। रावण असुर होता है, जो लोगों के दिमाग में बसा रहता है। उस सोच को लोग बदल देंगे तो रावण अपने आप खत्म हो जाएगा।
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