पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC/TMC) को वित्त वर्ष 2024–2025 में मिलने वाले चंदे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में कुल 448 दानदाताओं ने पार्टी को ₹184.96 करोड़ का योगदान दिया। यह राशि पिछले वित्त वर्ष में चुनाव आयोग (EC) को दी गई ₹64.24 करोड़ की जानकारी की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली और मुंबई स्थित इलेक्टोरल ट्रस्ट, पश्चिम बंगाल में सक्रिय एक लॉटरी डिस्ट्रीब्यूटर और राज्य में विनिर्माण इकाइयों वाली कंपनियां तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष दस दानदाताओं में शामिल हैं। पार्टी को सबसे बड़ा योगदान प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से ₹92 करोड़ दान मिला है। इसके बाद टाइगर एसोसिएट्स ने ₹50 करोड़ का योगदान दिया। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, “टाइगर एसोसिएट्स पश्चिम बंगाल में नागालैंड राज्य लॉटरी, सिक्किम राज्य लॉटरी और पंजाब राज्य लॉटरी के वितरण के लिए क्षेत्रीय वितरक है।”
औद्योगिक क्षेत्र से भी पार्टी को बड़ा सहयोग मिला है। आयरन, स्टील और सीमेंट क्षेत्र की रश्मि सीमेंट लिमिटेड ने ₹5 करोड़ का दान दिया। वहीं मुंबई स्थित प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट, जिसके प्रमुख दानदाता टाटा समूह की कंपनियां हैं, ने ₹10 करोड़ का योगदान किया। टाटा समूह की पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के झाड़ग्राम और खड़गपुर में इकाइयां हैं, जबकि कोलकाता में उसका कॉर्पोरेट कार्यालय स्थित है।
इसके अलावा, श्याम फेरो एलॉयज लिमिटेड ने ₹3 करोड़, कोलकाता स्थित ट्रेडिंग और माइनिंग कंपनी केजरीवाल माइनिंग ने ₹3 करोड़ का दान दिया है। आसनसोल के जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र में कैप्टिव पावर प्लांट चलाने वाली सुपर स्मेल्टर्स ने ₹2 करोड़ का पार्टिफंड दिया है। इसी राशि का भुगतान आईवीएल धनसेरी पेट्रोकेम इंडस्ट्रीज ने भी किया, जिसकी इकाइयां हल्दिया (पूर्व मेदिनीपुर) और हरियाणा के करनाल में हैं।
व्यक्तिगत दानदाताओं में वित्तीय विशेषज्ञ किशन गोपाल मोथा सबसे बड़े दाता रहे, जिन्होंने पार्टी को ₹3 करोड़ दिए। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अप्रैल 2019 से जनवरी 2024 के बीच तृणमूल कांग्रेस ने कुल ₹1,609 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड रिडीम किए थे, जिससे वह भाजपा के बाद दूसरे स्थान पर सबसे अधिक चंदा जुटाने वाली पार्टी बनी। अकेले 2023–2024 वित्त वर्ष में पार्टी को लगभग ₹612 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड प्राप्त हुए।
पार्टी के भीतर से भी चंदा आया है। तृणमूल कांग्रेस के 213 विधायकों में से लगभग 199 ने ₹22,000 से ₹30,000 के बीच योगदान दिया, जिनमें ब्रात्य बसु, बाबुल सुप्रियो, अरूप बिस्वास, चंद्रिमा भट्टाचार्य और फिरहाद हकीम जैसे मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा, 40 मौजूदा और पूर्व सांसदों ने भी पार्टी को चंदा दिया। इनमें राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने ₹1.2 लाख, जंगीपुर सांसद खलीलुर रहमान ने ₹3.8 लाख, कृष्णानगर सांसद महुआ मोइत्रा ने ₹1 लाख और कोलकाता दक्षिण सांसद माला रॉय ने ₹6.12 लाख का योगदान किया है ।
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