प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल के बीरभूम में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए बीरभूम की धरती को ऐतिहासिक, क्रांतिकारी और प्रेरणा से भरी बताया।
उन्होंने कहा, “गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर ऐसा समाज देखना चाहते थे, जहां हर कोई भय से मुक्त हो। टीएमसी के महाजंगलराज ने इसके बिल्कुल उल्टा कर दिया। ये मां, माटी और मानुष की बात करते थे, लेकिन मां आज रो रही है। माटी पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है और मानुष भयभीत, डरा-सहमा हुआ है।
माटी आपकी, हक आपका, लेकिन इस पर कब्जे के लिए गैंगवार चल रही है। बालू, पत्थर और कोयला की जो लूट चल रही है, यह टीएमसी के बड़े-बड़े नेताओं और उनके आलाकमान के आशीर्वाद से हो रहा है। बंगाल की माटी पर घुसपैठियों का कब्जा बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है।”
प्रधानमंत्री ने घुसपैठ का जिक्र करते हुए कहा, “टीएमसी का सिंडिकेट घुसपैठियों को फर्जी सरकारी डॉक्यूमेंट दिलवा रहा है। पड़ोस से घुसपैठिए अंदर आते हैं। पंचायत और अन्य सरकारी दफ्तर में डरा-धमकाकर गलत काम कराए जा रहे हैं।
सरकारी योजना हो, मजदूरी का काम हो, घुसपैठिए कम पैसे में यह काम यहां के लोगों से छीन लेते हैं। यहां के लोकल लोगों को काम की तलाशी में कहीं और पलायन करना पड़ता है। अब यह नहीं चलेगा। रामपुरहाट की क्या स्थिति है, यह आप सभी प्रत्यक्ष देख रहे हो। मालदा में पिछले दिनों क्या हुआ, यह भी पूरे देश ने देखा, जहां अधिकारियों तक को बंधक बना लिया गया। इस भय से बंगाल के लोगों को मुक्ति दिलानी जरूरी है। मां, माटी और मानुष में से मां की स्थिति तो और भी खराब है।”
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा, “हमारे एससी-एसटी और ओबीसी समाज की बेटियों के लिए जीना मुश्किल हो गया है। जो टीएमसी देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति तक का अपमान कर सकती है, उसकी मानसिकता क्या होगी? कितना अहंकार होगा।
राष्ट्रपति मुर्मु संथाल समाज के एक बड़े कार्यक्रम के लिए यहां आई थीं। देश में किसी की सरकार हो, संविधान के तहत राष्ट्रपति को उचित सम्मान देना आपका दायित्व है। लेकिन यह अहंकारी टीएमसी सरकार देश की राष्ट्रपति तक को कुछ भी नहीं समझती। सिर्फ इसलिए कि हमारी राष्ट्रपति आदिवासी समाज की बेटी हैं और आपको अपमान करने का हक मिल जाता है। यह देश के संविधान, सभी आदिवासियों और महिलाओं का अपमान है।”
उन्होंने कहा, “पिछले साल की घटना आप सभी को अच्छे से याद होगी। बीरभूम में ही स्कूल में पढ़ने वाली एक आदिवासी बिटिया के साथ जो हुआ, वह बहुत ही परेशान होने वाला है। जिसने अपनी बेटी को खोया है, उसकी भरपाई कोई भी योजना नहीं कर सकती, चाहे कोई कितना भी पैसा दे। यही आरजीकर मेडिकल कॉलेज में हुआ था।
एक डॉक्टर बेटी को हमसे छीन लिया गया। मैं सभी माताओं-बहनों से कहूंगा कि यह चुनाव हमारी बेटियों की सुरक्षा के लिए है। बहनों के लिए हर महीने मदद देने की बात या हर सुविधा भाजपा की हर सरकार बिना कट-कमीशन देती है। जिसका हक है, उसके खाते में पहुंचाती है। भाजपा ने माताओं-बहनों को कई योजनाएं दी हैं, जिन्हें तेजी से लागू किया जाएगा। यह मोदी की गारंटी है।”
पीएम मोदी ने कहा, “टीएमसी की निर्मम सरकार की विदाई, बंगाल की युवा शक्ति तय कर रही है। बीते सालों में यहां के नौजवानों को जितनी लाठियां पड़ीं और जितने आंसू बहाने पड़े हैं, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को इसका जवाब मिलेगा।
केंद्र सरकार देश में रोजगार मेले आयोजित करती है, जिसके तहत लाखों नौजवानों को सरकारी नौकरियों के अपॉइंटमेंट दिए जाते हैं। पिछले करीब 2 सालों में 17 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल में रोजगार मेला नहीं, नौकरियों की लूट का खेला चल रहा है। शिक्षक भर्ती घोटाले ने हजारों परिवारों के सपनों को कुचल दिया।”
उन्होंने कहा, “भारत आज रक्षा निर्माण में नए रिकॉर्ड बना रहा है। वहीं, बीरभूम में ही टीएमसी से जुड़े लोगों के घरों से कच्चे बम के भंडार मिलते हैं। टीएमसी ने कच्चे बम के निर्माण को ही कुटीर उद्योग बना दिया है। टीएमसी के राज में लघु और कुटीर उद्योग बंद हो रहे हैं, लेकिन कच्चे बम के उद्योग फैल रहे हैं। अब यह नहीं चलेगा।
बंगाल को कुदरत ने बहुत कुछ दिया है। धरती के नीचे प्राकृतिक संपदा के खजाने हैं, लेकिन टीएमसी का सिंडिकेट इसे लूट रहा है। अब चार मई को टीएमसी जाएगी। बंगाल में भाजपा सरकार कनेक्टिविटी का नया अध्याय शुरू करेगी, जिससे युवाओं का नया रोजगार मिलेगा।”
उन्होंने कहा, “भारत सरकार 75,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट लाकर खड़े किए हैं, लेकिन टीएमसी ने रोक रखी है। अब अनेक प्रोजेक्ट पर तेजी से काम होगा, जिससे बीरभूम में छोटे और बड़े हर प्रकार के उद्योग के लिए नए रास्ते बनाएंगे।
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