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केंद्रीय बजट 2026-27: राजकोषीय घाटा घटकर GDP का 4.3% रहने का अनुमान

कर्ज-जीडीपी अनुपात 55.6% करने का लक्ष्य: सीतारमण

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रविवार (1 फरवरी) को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए राजकोषीय घाटा GDP का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो चालू वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के 4.4 प्रतिशत से कम है। यह सरकार के वित्तीय समेकन (fiscal consolidation) पर निरंतर फोकस को दर्शाता है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा, “FY2026-27 में फिस्कल डेफिसिट GDP का 4.4% रहने का अनुमान है। FY2027 में फिस्कल डेफिसिट GDP का 4.3% रहेगा।”

राजकोषीय घाटा सरकार के कुल व्यय और कुल प्राप्तियों (उधारी को छोड़कर) के बीच अंतर को दर्शाता है, जिसे मुख्य रूप से बाजार से उधारी के माध्यम से पूरा किया जाता है। सरकार का कहना है कि FY27 के लिए घाटे में कमी वित्तीय अनुशासन की दिशा में एक और कदम है।

डेट-टू-जीडीपी अनुपात घटाने की योजना

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार डेट-टू-जीडीपी अनुपात को FY26 के 56.1 प्रतिशत से घटाकर FY27 में 55.6 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखती है। यह सरकार की मध्यम अवधि की वित्तीय अनुशासन और कर्ज समेकन (debt consolidation) की रोडमैप को दर्शाता है। सरकार का मानना है कि कर्ज-जीडीपी अनुपात में धीरे-धीरे कमी से आर्थिक स्थिरता और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।

वित्त मंत्री के अनुसार, बजट 2026-27 का कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। FY27 में कुल व्यय 53.5 लाख करोड़ रुपये और नॉन-डेब्ट रिसीट्स 36.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। केंद्र सरकार की नेट टैक्स रसीदें 28.7 लाख करोड़ रुपये आंकी गई हैं।

राज्यों को करों के हिस्से के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये का टैक्स डिवॉल्यूशन देने का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही, सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए राज्यों के लिए 41 प्रतिशत टैक्स डिवॉल्यूशन फॉर्मूला बरकरार रखने की घोषणा की है।

उधारी और वित्तपोषण का खाका

वित्त मंत्री ने बताया, “2026-2027 तक,गैर-ऋण आय और कुल खर्च क्रमशः Rs 36.5 लाख करोड़ और Rs 53.5 लाख करोड़ होने का अनुमान है। केंद्र की शुद्ध आय Rs 28.7 लाख करोड़ होने का अनुमान है। राजकोषीय घाटे को फाइनेंस करने के लिए, डेटेड सिक्योरिटीज से नेट मार्केट बॉरोइंग Rs 11.7 लाख करोड़ होने का अनुमान है। बाकी फाइनेंसिंग छोटी सेविंग्स और दूसरे सोर्स से आने की उम्मीद है। ग्रॉस मार्केट बॉरोइंग Rs 17.2 लाख करोड़ होने का अनुमान है।”

बजट भाषण में सीतारमण ने CITY Economic Regions (CERs) के विकास के लिए पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की। इसके अलावा, पूर्वोत्तर में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए एक नई योजना शुरू करने का ऐलान किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के मंदिरों और मठों का संरक्षण करना है। सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों के उत्पादन को बढ़ाने हेतु ALIMCO को समर्थन देने का भी प्रस्ताव रखा।

करदाताओं को राहत

वित्त मंत्री ने संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा नाममात्र शुल्क के साथ 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही, लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा के लिए TCS दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने की घोषणा की गई। विदेशी टूर पैकेज पर TCS दर भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है, जो पहले 20 प्रतिशत थी।

इसके अलावा, छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया शुरू करने और मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए पुरस्कारों को आयकर से छूट देने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल है।

सरकार का कहना है कि 3 से 4 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा एक विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए संतुलित और वांछनीय माना जाता है। FY27 के लिए 4.3 प्रतिशत का लक्ष्य इसी दिशा में आगे बढ़ने का संकेत देता है।

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