आसाम चुनाव के दौरान बोंगाईगांव में मतदान केंद्र पर नमाज़ के लिए रोकी वोटिंग

आसाम चुनाव के दौरान बोंगाईगांव में मतदान केंद्र पर नमाज़ के लिए रोकी वोटिंग

Voting halted at Bongaigaon polling station for prayers during Assam elections

आसाम विधानसभा चुनाव के दौरान बोंगाईगांव में एक मतदान केंद्र पर कथित तौर पर नमाज़ पढ़ने के लिए मतदान प्रक्रिया रोकने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। घटना के बाद लोगों ने इसे चुनाव नियमों और आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।

यह घटना बोंगाईगांव विधानसभा क्षेत्र के 59 नंबर बिजॉयगांव जे.बी. स्कूल स्थित प्रथम मतदान केंद्र की बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार 9 अप्रैल को मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, तभी एक मतदान अधिकारी ने कथित तौर पर कुछ समय के लिए वोटिंग रोक दी और उसी कक्ष में नमाज़ अदा की, जिसे मतदान केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। इस दौरान वोट डालने पहुंचे लोगों को बाहर इंतजार करने को कहा गया।

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे एक मतदाता ने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया। वीडियो में अधिकारी को कमरे के अंदर नमाज़ पढ़ते हुए देखा जा सकता है, जबकि बाहर मतदाता इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, वीडियो आंशिक रूप से खुले दरवाजे से रिकॉर्ड किया गया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि उस समय अन्य मतदान अधिकारी या एजेंट अंदर मौजूद थे या नहीं।

स्थानीय लोगों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि मतदान केंद्र पूरी तरह तटस्थ और धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए, जहां किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं होती। कुछ लोगों ने यह भी उल्लेख किया कि उसी स्कूल परिसर में एक नमघर (वैष्णव उपासना स्थल) मौजूद है, ऐसे में इस प्रकार की घटना और भी आपत्तिजनक है।

चुनाव नियमों के अनुसार, मतदान निर्धारित समय के दौरान लगातार और व्यवस्थित तरीके से जारी रहना चाहिए। इसे केवल असाधारण परिस्थिती जैसे हिंसा, दंगा, बूथ कैप्चरिंग या प्राकृतिक आपदा में ही रोका जा सकता है। व्यक्तिगत कारणों या धार्मिक गतिविधियों के लिए मतदान रोकने की अनुमति नहीं है।

भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, मतदान केंद्र का उपयोग केवल चुनावी कार्यों के लिए ही किया जा सकता है और वहां किसी भी प्रकार की गैर-आधिकारिक गतिविधि प्रतिबंधित होती है। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर आयोग का पूर्ण नियंत्रण होता है और कर्तव्य में लापरवाही या उल्लंघन जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 134 के तहत दंडनीय अपराध माना जाता है।

इस बीच, आसाम में इस चरण के चुनाव में रिकॉर्ड 85.38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो सेवा मतदाताओं और डाक मतपत्रों की अंतिम गिनती के बाद और बढ़ सकता है। फिलहाल, इस मामले को लेकर प्रशासन या चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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