आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने 4 अक्टूबर को जारी एक आधिकारिक पत्र में इसकी घोषणा की। पत्र में कहा गया है कि जीनत शबरीन संगठन को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय और ऊर्जा समर्पित करेंगी। शबरीन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के नेतृत्व में यह जिम्मेदारी निभाएंगी।
दरअसल, यह नियुक्ति हाल ही में संपन्न संगठनात्मक चुनावों के परिणामों पर आधारित है। सितंबर में घोषित चुनावी नतीजों के अनुसार, जीनत शबरीन ने 10,076 वोट हासिल कर नौ उम्मीदवारों के बीच शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
कांग्रेस पार्टी के यूथ विंग का यह कदम महाराष्ट्र में पार्टी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। मुंबई जैसे महानगर में युवाओं के मुद्दों जैसे बेरोजगारी, शिक्षा और पर्यावरण पर फोकस बढ़ेगा। जीनत की जीत से युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह है, जो लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प ले रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि यह नियुक्ति न केवल आईवाईसी बल्कि पूरी कांग्रेस को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
बता दें कि जीनत शबरीन गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखती हैं और सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय रही हैं। वे एक प्रमुख पशु अधिकार कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती हैं। उनकी नियुक्ति मुंबई यूथ कांग्रेस के इतिहास में पहली महिला नेतृत्व का प्रतीक है, जो महिला सशक्तिकरण और युवा भागीदारी को मजबूत करने का संदेश देती है।
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