एक्टर आर. माधवन के बेटे और युवा तैराक वेदांत माधवन ने 2026 एशियन गेम्स में भारत के लिए डेब्यू किया। हालांकि, पुरुषों की 4×200m फ़्रीस्टाइल रिले के फ़ाइनल में जाने का उनका और भारतीय टीम का सपना थोड़ा चूक गया। भारतीय टीम क्वालिफ़िकेशन राउंड में नौवें स्थान पर रही। फ़ाइनल टिकट से सिर्फ़ 0.2 सेकंड से चूकना, वेदांत के लिए निश्चित रूप से निराशाजनक था। वेदांत ने साजन प्रकाश, दक्षण शशिकुमार और अनीश सुनील के साथ 4×200m फ़्रीस्टाइल रिले में हिस्सा लिया। भारतीय चौकड़ी ने 7 मिनट 24.32 सेकंड का समय निकालकर 13 टीमों में से नौवां स्थान हासिल किया।
टॉप आठ टीमों को फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करना था। आठवें स्थान पर रही क़तर ने 7:24.10 का समय रिकॉर्ड किया। इससे इंडिया और कतर के बीच सिर्फ़ 0.22 सेकंड का अंतर रह गया। इस परफॉर्मेंस के बाद वेदांत ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं ज़ाहिर कीं। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर बताया कि वह फ़ाइनल में सिर्फ़ 0.2 सेकंड से चूक गए। उन्होंने यह भी कहा कि वह अगले 200m फ़्रीस्टाइल कॉम्पिटिशन का इंतज़ार कर रहे हैं। आर. माधवन ने वेदांत की यह पोस्ट अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की और इसके साथ एक प्रार्थना इमोजी पोस्ट की।

अपने बेटे की परफॉर्मेंस पर माधवन का रिएक्शन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। हालांकि रिज़ल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं था, लेकिन उन्होंने वेदांत की कोशिशों का सपोर्ट किया है। खास बात यह है कि एशियन गेम्स में वेदांत का सफ़र अभी खत्म नहीं हुआ है। उनके आगे इंडिविजुअल इवेंट हैं, 23 सितंबर को 200m फ़्रीस्टाइल और 25 सितंबर को 200m बैकस्ट्रोक। इसलिए, इन दोनों कॉम्पिटिशन में वेदांत से अच्छे परफॉर्मेंस की उम्मीद है।
वेदांत ने पहले भी स्विमिंग में शानदार काम किया है। उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर कई कॉम्पिटिशन में मेडल जीते हैं और 2026 एशियन गेम्स में उनका हिस्सा लेना उनके करियर का एक अहम पड़ाव है। इस बीच, आर. माधवन पहले भी फेलियर पर अपनी अलग राय बता चुके हैं। उनके मुताबिक, फेलियर सिर्फ हार नहीं बल्कि अगली कोशिशों के लिए एक अनुभव और सबक है। वेदांत के मामले में भी, हालांकि वह कुछ पलों से फाइनल से चूक गए, लेकिन उन्हें अगले दो इंडिविजुअल कॉम्पिटिशन में एक और मौका मिलेगा। इसलिए, अब खेल प्रेमियों का ध्यान उनके अगले परफॉर्मेंस पर है।
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