केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने महाराष्ट्र के नासिक में दो अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश करते हुए साइबर धोखाधड़ी से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये कॉल सेंटर मेसर्स स्वगन बिजनेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित हो रहे थे और इनका नेटवर्क ब्रिटेन समेत विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था।
सीबीआई ने 11 सितंबर को चार निजी व्यक्तियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी बीमा एजेंट और सरकारी अधिकारी बनकर ब्रिटेन के नागरिकों से धोखाधड़ी करते थे। कॉल सेंटरों में लगभग 60 लोग कार्यरत थे, जो वीओआईपी कॉलिंग, फर्जी नंबरों और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके शिकार को झांसे में लेते थे। इसके बाद उनके क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी हासिल कर उन्हें नकली बीमा पॉलिसियां बेच दी जाती थीं।
तलाशी के दौरान सीबीआई टीम ने नासिक और कल्याण (ठाणे) स्थित ठिकानों से पीड़ितों का डेटा, फर्जी बीमा पॉलिसी स्क्रिप्ट, आठ मोबाइल फोन, आठ कंप्यूटर सिस्टम, सर्वर और 5 लाख रुपए नकद बरामद किए। जांच में यह भी पता चला कि धोखाधड़ी से हासिल रकम को विभिन्न बैंकिंग चैनलों के जरिए ट्रांसफर किया गया था।
दोनों आरोपियों को 13 सितंबर को गिरफ्तार कर ठाणे स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सोमवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
गौरतलब है कि इससे पहले 10 सितंबर को भी सीबीआई ने नासिक के इगतपुरी से संचालित एक अन्य फर्जी कॉल सेंटर रैकेट का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और उनके कब्जे से 44 लैपटॉप, 71 मोबाइल फोन, सोना, लग्जरी कारें और भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी। उस गिरोह पर अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों के नागरिकों से गिफ्ट कार्ड्स और क्रिप्टोकरेंसी के जरिये अवैध धन वसूलने का आरोप था।
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