यह एक्सप्रेस-वे पूरी तरह से एक्सेस कंट्रोल होगा, यानी इसमें कहीं भी अनधिकृत प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसे अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया जाएगा और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। इसके जरिये अयोध्या से दिल्ली तक की तेज़ और सीधी कनेक्टिविटी भी संभव हो सकेगी। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही चयनित संस्था विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगी।
इस सड़क के निर्माण से अयोध्या, अंबेडकरनगर, सुलतानपुर, जौनपुर और वाराणसी जैसे ज़िलों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। यहां न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है, जबकि वाराणसी बाबा विश्वनाथ की नगरी के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस हाईस्पीड एक्सप्रेस-वे के जरिए इन दोनों पवित्र शहरों तक पहुंचना पहले से अधिक आसान और तेज़ होगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई प्राप्त होगी।
इसके अलावा, यह परियोजना औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति देगी। बेहतर सड़क संपर्क से निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही कृषि और अन्य उत्पादों की बाजार तक पहुंच आसान होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी|
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