संयुक्त राष्ट्र (UN) में पाकिस्तान और चीन को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसके आत्मघाती विंग ‘मजीद ब्रिगेड’ को प्रतिबंधित करने के संयुक्त प्रस्ताव को रोक दिया। यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के 1267 प्रतिबंध तंत्र के तहत लाया गया था।
गौरतलब है कि अमेरिका ने हाल ही में BLA और मजीद ब्रिगेड दोनों को “विदेशी आतंकवादी संगठन” घोषित किया था। इसके बावजूद वाशिंगटन और उसके सहयोगियों ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि इन समूहों को अल-कायदा या आईएसआईएल (ISIL) से जोड़ने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं हैं।
क्या है UN 1267 प्रतिबंध तंत्र?
साल 1999 में पारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 1267 उन व्यक्तियों और संगठनों पर कड़े प्रतिबंध लगाता है, जिनका संबंध अल-कायदा, तालिबान या ISIL से पाया जाता है। इसमें यात्रा पर रोक, संपत्ति फ्रीज़ और हथियारों की आपूर्ति पर रोक जैसे कदम शामिल होते हैं।
पाकिस्तान और चीन ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र में यह प्रस्ताव पेश किया था। पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असिम इफ्तिखार अहमद ने बुधवार (17सितंबर) को कहा कि ISIL-K, अल-कायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), BLA और उसका मजीद ब्रिगेड अफगानिस्तान से सक्रिय होकर सीमा पार आतंकी हमले कर रहे हैं।
हालांकि अमेरिका और उसके सहयोगियों का कहना है कि अभी तक उपलब्ध सबूतों के आधार पर BLA और मजीद ब्रिगेड को सीधे अल-कायदा या ISIL नेटवर्क से जोड़ना मुश्किल है। इस वजह से 1267 व्यवस्था के तहत इन पर पाबंदी लगाने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया।
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