चेन्नई के पोएस गार्डन इलाके में स्थित उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के आवास पर शुक्रवार (17 अक्तूबर)को बम की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस जांच के बाद यह खतरा झूठा साबित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है और यह धमकी “होअक्स” यानी फर्जी प्रतीत होती है।
पुलिस के अनुसार, यह धमकी ईमेल के माध्यम से चेन्नई के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के कार्यालय को भेजी गई थी। ईमेल मिलते ही बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग्स की टीम तुरंत उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के आवास पर पहुंची और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। लेकिन जांच के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, धमकी फर्जी लग रही है।
चेन्नई पुलिस पिछले एक महीने से इस तरह के कई ईमेल बम धमकी संदेश प्राप्त कर रही है। इसी महीने 3 अक्टूबर को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन को भी बम की धमकी दी गई थी। उस वक्त भी बम निरोधक दस्ते ने पूरा परिसर खंगाला था, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला।
इतना ही नहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय और अभिनेत्री त्रिशा के घर को भी हाल ही में ऐसे ही धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए थे। वहीं 2 अक्टूबर को चेन्नई एयरपोर्ट मैनेजर के कार्यालय को भी एक ईमेल भेजा गया था जिसमें दावा किया गया था कि हवाईअड्डे के कूड़ेदानों में शक्तिशाली बम रखे गए हैं जो जल्द फटने वाले हैं।
लगातार मिल रही इन झूठी धमकियों ने तमिलनाडु पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को सतर्क कर दिया है। अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन फर्जी धमकियों के पीछे कौन व्यक्ति या गिरोह सक्रिय है। पुलिस साइबर सेल ने ईमेल की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
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