पहला, सर्दियों में अगर शरीर को रात के समय पूरा आराम दिया जाए तो ये हड्डियों को मजबूत करने से लेकर शरीर को डिटॉक्स करने का काम करता है।
दूसरा, मौसम के साथ तालमेल बैठाना बहुत जरूरी है। इसलिए देर रात कुछ खाने और ठंडा पानी पीने से परहेज करना चाहिए। ये कुछ आदतें शरीर को साल भर बीमार रखने के लिए काफी हैं। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर गहरा असर पड़ता है।
तीसरा, सर्दियों में खाने का समय और खाना दोनों बहुत मायने रखता है। सर्दियों में भरपूर हरी सब्जियों का सेवन आयरन, कैल्शियम और खनिजों की पूर्ति करता है और शरीर को पोषण और मजबूती देता है। सर्दियों में सुबह और दोपहर पौष्टिक भोजन करें जिससे शरीर को पूरा पोषण मिले और सूर्य ढलने के साथ सब्जियों का सूप का सेवन औषधि का काम करेगा।
चौथा, सर्दियों में पाचन शक्ति तेज होती है और बार-बार भूख लगती है। अपनी भूख को मिटाने के लिए लोग तला, चटपटा और मसालेदार भोजन का सेवन करते हैं, जो पेट पर जलन पैदा करता है और पाचन अग्नि का ज्यादा इस्तेमाल भी होता है।
पांचवा, सर्दियों में समय पर उठना और समय पर सोना भी जरूरी है। कई लोगों को लगता है कि सिर्फ रात के समय देर से सोने के ही नुकसान होते हैं, लेकिन देर से उठना भी सेहत के लिए खतरा है।
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