29 C
Mumbai
Friday, March 6, 2026
होमधर्म संस्कृतियूपी सरकार का बड़ा फैसला: बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों का होगा...

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों का होगा पुनर्वसन

कानपुर देहात में 99 परिवारों को ज़मीन आवंटित

Google News Follow

Related

उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) से विस्थापित होकर दशकों से राज्य में रह रहे हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास को लेकर एक अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 29 जनवरी को हुई कैबिनेट बैठक में मेरठ जिले में रह रहे ऐसे 99 परिवारों के पुनर्वास प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

यह मामला मेरठ जिले के मवाना तहसील स्थित नगला गुसाईं गांव से जुड़ा है। यह 99 हिंदू बंगाली परिवार लंबे समय से झील के किनारे स्थित सरकारी भूमि पर रह रहे थे। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, यह परिवार पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापन के बाद यहां आकर बसे थे, लेकिन उनका निवास कानूनी रूप से अधिकृत नहीं था। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इनके स्थायी और सम्मानजनक पुनर्वास की योजना को आगे बढ़ाया।

कैबिनेट के फैसले के तहत सभी 99 परिवारों को कानपुर देहात जिले की रसूलाबाद तहसील में बसाया जाएगा। इनमें से 50 परिवारों को भैंसा गांव में पुनर्वास विभाग के नाम दर्ज 11.1375 हेक्टेयर (27.5097 एकड़) भूमि पर बसाया जाएगा, जबकि शेष 49 परिवारों को ताजपुर तरसौली गांव में पुनर्वास विभाग के नाम दर्ज 10.530 हेक्टेयर (26.009 एकड़) भूमि आवंटित की जाएगी।

सरकार के निर्णय के अनुसार, प्रत्येक परिवार को 0.50 एकड़ भूमि दी जाएगी। यह भूमि 30 वर्षों की लीज़ पर दी जाएगी, जिसे आगे 30-30 वर्षों के लिए नवीनीकृत किया जा सकेगा। इस प्रकार अधिकतम लीज़ अवधि 90 वर्ष तक हो सकती है। लीज़ प्रीमियम या निर्धारित किराये के आधार पर दी जाएगी, जिससे भूमि पर परिवारों को दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

राज्य सरकार का कहना है कि इस फैसले से एक ओर जहां झील क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक, सुरक्षित और स्थायी जीवन का अवसर मिलेगा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, पुनर्वास स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विकास की प्रक्रिया भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार विस्थापित और कमजोर वर्गों के लिए पुनर्वास एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी नीतियों पर जोर दे रही है। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे लंबे समय से चले आ रहे कानूनी और पर्यावरणीय विवादों का भी समाधान होगा।

यह भी पढ़ें:

आसाम में बड़ी कार्रवाई: याबा टैबलेट और हेरोइन की भारी खेप जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

पीटी उषा के पति वी श्रीनिवासन का निधन, घर पर अचानक गिरने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम

अमेज़न में 16,000 कर्मचारियों की छंटनी, भारत में भी सैकड़ों प्रभावित

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,054फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
297,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें