ममता बॅनर्जी के एक विवादित बयान को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में ममता बनर्जी मुस्लिम वोट बैंक के सामने धार्मिक कार्यक्रम के दौरान खुले मंच से भाषण देते हुए ‘गंदा धर्म’ बोलकर टिपण्णी करती दिखाई दे रही हैं, उनके इस बयान पर सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाया गया है।
वायरल वीडियो में ममता बनर्जी यह कहते हुए सुनाई दे रही हैं, “जानबूझकर एक ‘गंदा धर्म’ जो इस जुमला पार्टी ने बनाया, उसे हम नहीं मानते हैं।” इस बयान को लेकर अब कानूनी कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक मुस्लिम धार्मिक कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म पर टिप्पणी करती सुनाई दे रही हैं, वायरल वीडियो में वह कहती हैं, “जानबूझकर एक ‘गंदा धर्म’ जो इस जुमला पार्टी ने बनाया, उसे हम नहीं मानते” इस… pic.twitter.com/7PGCmRioBQ
— NDTV India (@ndtvindia) May 27, 2026
इस मामले में सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत कलकत्ता हाईकोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच की अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह द्वारा दी गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयान दिए और एक धार्मिक मंच से सनातन धर्म पर अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह बयान सार्वजनिक रूप से एक विशेष धार्मिक समुदाय के मंच से दिया गया, जहां मौजूद लोगों ने भी उनका समर्थन किया। वायरल वीडियो में मंच पर कई लोग ममता बनर्जी के आसपास खड़े दिखाई दे रहे हैं और उनके बयान पर सहमति जताते नजर आ रहे हैं।
वीडियो को लेकर एक और मुद्दा यह उठाया जा रहा है कि मंच पर कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी बयान पर आपत्ति नहीं जताई। इसको लेकर भी सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं।
अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने अपनी शिकायत में मांग की है कि ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। शिकायत में कहा गया है कि किसी भी धर्म के मंच से दूसरे धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी सामाजिक तनाव बढ़ा सकती है।
हालांकि इस पूरे विवाद पर ममता बनर्जी या उनकी पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो किस तारीख और किस कार्यक्रम का है। पुलिस की ओर से भी अभी तक FIR दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक हलकों में यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दल इस बयान को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है।
फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है और शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।
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