अफगानिस्तान ने पाकिस्तान द्वारा की गई हवाई कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार (22 फरवरी) तड़के पाकिस्तान ने सीमा पार पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की, जिन्हें उसने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उसके सहयोगियों के कैंप बताया। काबुल ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन करार देते हुए जवाब देने की चेतावनी दी है।
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि हमलों में नंगरहार और पक्तिका प्रांतों के सीमावर्ती इलाकों में एक मदरसा और कई रिहायशी इमारतें निशाना बनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों नागरिक मारे गए या घायल हुए। उन्होंने लिखा, “पिछली रात, उन्होंने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में हमारे आम नागरिकों पर बमबारी की, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों लोग शहीद और घायल हो गए।”
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा कि देश की संप्रभुता की रक्षा करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना धार्मिक और राष्ट्रीय दायित्व है। मंत्रालय ने कहा, “आम लोगों और पाक जगहों पर हमले पाकिस्तानी सेना की इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी नाकामियों का साफ़ सबूत हैं, और बार-बार ऐसे हमले उनकी अंदरूनी कमियों को कभी नहीं छिपा पाएंगे।” साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि उचित समय पर नपातुला और उपयुक्त जवाब दिया जाएगा।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के सूचना मंत्री Attaullah Tarar ने कहा कि सेना ने खुफिया सुचना के आधार पर, चयनात्मक संचालन के तहत टीटीपी से जुड़े सात कैंपों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि हालिया आत्मघाती हमले जिनमें इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू की घटनाएं के बाद यह कार्रवाई की गई। पाकिस्तान का दावा है कि कम से कम 28 टीटीपी लड़ाके मारे गए।
सूत्रों के अनुसार, पक्तिका प्रांत के बरमल और अर्गुन जिलों तथा नंगरहार के खोघयानी, बहसूद और गनी खेल जिलों में हमले किए गए। रिपोर्टों में बरमल स्थित बनूसी मदरसा पर मिसाइल गिरने की भी बात कही गई है। इससे पहले बाजौर जिले में एक आत्मघाती हमले में 11 सैनिक और एक बच्चा मारे गए थे, जबकि बन्नू में एक अन्य हमले में दो सैनिकों की जान गई थी। पाकिस्तान ने दावा किया है कि इन हमलों के पीछे अफगानिस्तान में बैठे टीटीपी नेतृत्व का हाथ है।
इस घटनाक्रम से दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंध और बिगड़ गए हैं। पाकिस्तान ने दोहा समझौते के तहत अफगान भूमि का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए न होने देने की प्रतिबद्धता दोहराने का आह्वान किया है, जबकि काबुल ने इसे आक्रामक कार्रवाई बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हालात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
यह भी पढ़ें:
आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में 8 गिरफ्तार; पाकिस्तान-बांग्लादेश टेरर मॉड्यूल से संबंध
भारत की सबसे तेज मेट्रो और नमो भारत कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
फैजान खान ने शादी का झांसा देकर किशोरी के साथ अस्पताल की छत पर किया बलात्कार



