उन्होंने दावा किया कि सड़क, शिक्षा, रोजगार और निवेश जैसे मुद्दे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रमुख विषय बनेंगे और जनता इन सवालों पर सरकार से जवाब मांगेगी। अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि सरकार ने प्रदेश को विकास के बजाय बदनामी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार और लूट व्याप्त है, जिसका असर प्रदेश की छवि पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने आगरा का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया भर से आने वाले पर्यटक ऐतिहासिक धरोहरों को देखकर प्रभावित होते हैं, लेकिन खराब सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति प्रदेश की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है।
सपा प्रमुख ने कहा कि पर्यटन, होटल, गाइड, टैक्सी, टूर ऑपरेटर, हस्तशिल्प, पेठा और जूता उद्योग जैसे क्षेत्रों पर आर्थिक सुस्ती का असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि खराब आधारभूत ढांचा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं निवेश के माहौल को भी प्रभावित कर रही हैं।
अखिलेश यादव ने शिक्षा के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी शैक्षणिक संस्थान से जुड़े निर्माण या प्रशासनिक स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों और विभागों की भी तय होनी चाहिए। केवल शिक्षकों या संस्थानों पर कार्रवाई करना समस्या का समाधान नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा, शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी कर रही है। सरकारी स्कूलों, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक, मूल्यांकन प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल आगामी चुनावी बहस के केंद्र में रहेंगे।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश में शिक्षा, रोजगार, बुनियादी ढांचे और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जनचर्चा हो रही है और आने वाले समय में जनता इन्हीं मुद्दों के आधार पर राजनीतिक निर्णय लेगी।



