28 C
Mumbai
Friday, September 18, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमन्यूज़ अपडेटभारतीय निजी कंपनियों को PSLV की तकनीक हस्तांतरित करने के लिए तैयार...

भारतीय निजी कंपनियों को PSLV की तकनीक हस्तांतरित करने के लिए तैयार IN-SPACe

ISRO देगा 30 महीने तक तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता, केवल भारतीय निजी कंपनियों को मिलेगा अवसर

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange

भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) ने पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) की पूर्ण तकनीकी हस्तांतरण प्रक्रिया निजी भारतीय उद्योगों के लिए खोल दी है।

IN-SPACe ने अपने बयान में कहा कि यह अवसर उन सक्षम भारतीय कंपनियों के लिए है, जिन्होंने बहु-विषयक टर्न-की परियोजनाओं को सफलतापूर्वक संभाला है और जो PSLV तकनीक को अपनाकर वैश्विक मध्यम-वजन उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में व्यावसायिक लॉन्च सेवाएं प्रदान करना चाहती हैं।

PSLV भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का सबसे भरोसेमंद और सफल लॉन्च वाहन माना जाता है। इसके जरिए भारत ने अब तक सैकड़ों विदेशी और घरेलू उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी PSLV को कम लागत और उच्च विश्वसनीयता के लिए जाना जाता है।

IN-SPACe के अनुसार, चयनित निजी कंपनीयों को तकनीक हस्तांतरण के बाद ISRO की ओर से बुनियादी ढांचा और संचालन संबंधी सहायता भी प्रदान की जाएगी। यह सहायता 30 महीनों की निर्धारित अवधि तक या चयनित कंपनी द्वारा दो PSLV वाहनों के निर्माण और प्रक्षेपण तक, जो भी पहले पूरा हो, उपलब्ध होगी।

इस पहल का उद्देश्य भारतीय निजी अंतरिक्ष उद्योग को मजबूत करना और उन्हें वैश्विक लॉन्च सेवा बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना है। सरकार पिछले कुछ वर्षों से अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है।

हालांकि IN-SPACe ने स्पष्ट किया है कि PSLV तकनीक का हस्तांतरण केवल भारतीय निजी संस्थाओं तक सीमित रहेगा और इसके लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं। इन शर्तों के अनुसार, तकनीक हस्तांतरण के लिए आवेदन करने वाली कंपनी या उसके किसी कंसोर्टियम सदस्य के पास अंतरिक्ष या एयरोस्पेस क्षेत्र में कम से कम पांच वर्षों का अनुभव होना अनिवार्य है।

इसके अलावा कंपनी का पिछले पांच वर्षों में किसी भी तीन वर्षों का वार्षिक कारोबार 400 करोड़ रुपये से अधिक होना चाहिए या फिर कंपनी का मूल्यांकन कम से कम 1,000 करोड़ रुपये होना आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भारत में निजी अंतरिक्ष उद्योग को नई गति मिलेगी और देश वैश्विक उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में अपनी हिस्सेदारी को और मजबूत कर सकेगा। साथ ही यह कदम भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें:

IRGC के आतंकवादी ने ट्रंप की बेटी की हत्या की रची साजिश

कोलकाता पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, आज दिल्ली में पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

हिंदुओ के खिलाफ दंगों के 7 मामलों सहित 52 अपराधिक मामलों को वापस लेगी कांग्रेस सरकार

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,356फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
333,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें