30.7 C
Mumbai
Friday, June 5, 2026
होमदेश दुनिया2025 की चुनौतियों के बाद स्थिर हुए भारत-अमेरिका के रिश्ते: निशा बिस्वाल!

2025 की चुनौतियों के बाद स्थिर हुए भारत-अमेरिका के रिश्ते: निशा बिस्वाल!

बिस्वाल ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हाल की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग को और मजबूत किया, लेकिन इससे कुछ बुनियादी तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।

Google News Follow

Related

भारत और अमेरिका ने 2025 में आई मुश्किल स्थिति के बाद अपने रिश्ते को फिर से स्थिर करने में सफलता पाई है, लेकिन विश्वास को फिर से बनाना और उस महत्वाकांक्षा को वापस लाना, जो हाल के वर्षों में इस साझेदारी की पहचान थी, इसमें समय लगेगा। यह बात अमेरिका की पूर्व वरिष्ठ राजनयिक निशा देसाई बिस्वाल ने कही है।

आईएएनएस को दिए एक खास इंटरव्यू में बिस्वाल ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हाल की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग को और मजबूत किया, लेकिन इससे कुछ बुनियादी तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।

उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि भारत-अमेरिका रिश्ते 2025 की मुश्किलों के बाद फिर से धीरे-धीरे सुधरे हैं। दोनों तरफ से रिश्ते को बेहतर और स्थिर बनाने की लगातार कोशिशें हुई हैं।”

बिस्वाल ने कहा कि रुबियो की यात्रा ने इस दिशा को आगे बढ़ाया और दोनों देशों के रिश्ते में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया। लेकिन उन्होंने यह भी माना कि कुछ मुद्दे अभी भी खुले हुए हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों को लेकर चिंता है और अमेरिका किस तरह पाकिस्तान के साथ काम कर रहा है, इसे लेकर सवाल बने हुए हैं। उनके अनुसार, रुबियो इस चिंता को पूरी तरह दूर नहीं कर पाए।

इसके बावजूद बिस्वाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत आधार मौजूद है और कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा क‍ि भारत और अमेरिका कई ऐसे क्षेत्रों में साथ काम करते रहेंगे जहां सहयोग और मजबूत हो सकता है, जैसे कि क्रिटिकल मिनरल्स, डिजिटल तकनीक और ट्रस्‍ट पार्टनरशिप।

बिस्वाल के अनुसार, टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का क्षेत्र दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा जुड़ाव बना हुआ है।उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारत, यूरोप और जापान आने वाले समय में टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन, दवाइयों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में मिलकर काम करते रहेंगे।

बिस्वाल ने कहा कि हाल की घटनाओं ने दशकों की प्रगति को पूरी तरह खत्म नहीं किया है। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि सब कुछ खत्म हो गया है, लेकिन मौजूदा हालात में रिश्ते को जितना ऊंचा ले जाने की उम्मीद थी, उसमें बदलाव आया है।”

उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य यह है कि रिश्ते को स्थिर रखा जाए और जो सहयोग पहले से बना है, उसे आगे बढ़ाया जाए। लेकिन नए बड़े स्तर पर रिश्ते को ले जाने को लेकर कुछ झिझक और भरोसे में थोड़ी कमी जरूर दिख रही है।

व्यापार (ट्रेड) वार्ताओं पर बात करते हुए बिस्वाल ने भरोसा जताया कि दोनों देश जल्द किसी समझौते के करीब पहुंच सकते हैं।

उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से बातचीत आखिरी चरण में है। मुझे भरोसा है कि जल्द ही व्यापार समझौता हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि शुरुआती समझौता आगे चलकर मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सिस्टम और गैर-टैरिफ बाधाओं जैसे बड़े मुद्दों को हल करने का रास्ता खोल सकता है।

बिस्वाल ने 2013 से 2017 तक दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए विदेश विभाग में सहायक सचिव के तौर पर काम किया, और इस दौरान उन्होंने अमेरिका-भारत की रणनीतिक साझेदारी के बड़े विस्तार की देखरेख की। अभी वह ‘द एशिया ग्रुप’ में पार्टनर के तौर पर काम कर रही हैं, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हो रहे भू-राजनीतिक और आर्थिक बदलावों के बारे में कंपनियों को सलाह देती हैं।

पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के रिश्ते रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में काफी बढ़े हैं। आज इस रिश्ते को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता के लिए एक अहम आधार माना जाता है।

दोनों देश क्वाड के भी सदस्य हैं, जो एक खुला और स्थिर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र बनाए रखने पर काम करता है, खासकर बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच।

यह भी पढ़ें-

बुढ़ापे में स्वस्थ रहने के लिए योग : तन-मन की गर्मी पर शीतली प्राणायाम से लगाएं ब्रेक!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,460फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
311,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें