पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अपने देश की हिंदू आबादी के बारे में टिप्पणी करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। मिस्टर 10 परसेंट के नाम से मशहूर जरदारी ने जहरीले बोल बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान में 4 प्रतिशत हिंदुओं को बर्दाश्त किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों की सोच हिंदुओं को बर्दाश्त करने वाली है और दावा किया कि वे भारत जाने के बजाय पाकिस्तान में ही रहेंगे। 14 अगस्त को बोलते हुए जरदारी ने कहा, ”भारतीयों का नजरिया अलग है। उनके मन में अपना एजेंडा है। भारतीय अखंड भारत में विश्वास करते हैं लेकिन हम मुसलमान हैं। वे नहीं हैं। फिर भी हम ऐसी सोच वाले मुसलमान हैं जो दूसरों को बर्दाश्त करते हैं। पाकिस्तान में 4% हिंदू आबादी है। वे उतने ही आजाद हैं जितने कहीं और। वे भारत के बजाय हमारे साथ रहना ज्यादा पसंद करेंगे।”
पाकिस्तान में हिंदू आबादी 4 प्रतिशत होने का जरदारी का दावा देश की हालिया जनगणना के आंकड़ों से अलग है। पाकिस्तान की 2023 की जनगणना के अनुसार, देश में लगभग 52 लाख हिंदू हैं, जो कुल आबादी का 2.17 प्रतिशत है। यह आंकड़ा जरदारी के हालिया बयानों में किए गए दावे से काफी कम है।
मुनीर राष्ट्रपति और मोहसिन नकवी प्रधानमंत्री
पाकिस्तान में बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता के बीच जरदारी के ये ताजा बयान आया है। देश की सत्ता पर आसिम मुनीर का असर बढ़ गया है। खबरों के मुताबिक, सेना के पूर्व अधिकारी आदिल राजा ने दावा किया है कि पाकिस्तान में मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को बदलने की योजना पर विचार किया जा रहा है, जिसके तहत मुनीर के राष्ट्रपति और मोहसिन नकवी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना है।
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