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Friday, January 9, 2026
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माता अन्नपूर्णा के जयकारों से गूंजा काशी धाम, दुर्लभ मूर्ति पुनर्स्थापित

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माता अन्नपूर्णा की 108 साल बाद दुर्लभ प्रतिमा काशी विश्वनाथ धाम स्थित अन्नपूर्णा मंदिर में सोमवार को पुनर्स्थापित की गई। सीएम योगी ने माता अन्नपूर्णा के भव्य यात्रा की अगवानी की। इस दौरान लोगों माता अन्नपूर्णा के जयकारे लगाए। जिसके बाद सीएम योगी ने प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम शुरू किया।

काशी विश्वनाथ मंदिर का अर्चक दल काशी विद्वत परिषद की निगरानी में संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्ण कराया। मूर्ति पुनर्स्थापित के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई। जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर बाबा से आशीर्वाद मांगा। जनकल्याण के भावों से बाबा का पूजन अर्चन कर वहां से रवाना हुए।मूर्ति स्थापना का प्रसाद वितरण रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में भी होगा, जहां धर्म गुरुओं और मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। बाबा विश्वनाथ के आंगन में भी माता के आगमन की खुशियों का उल्लास कण-कण में बिखरा है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि बाबा विश्वनाथ की रंगभरी एकादशी की पालकी यात्रा की रजत पालकी और सिंहासन माता के स्वागत के लिए भेजा गया। मां ज्ञानवापी के प्रवेश द्वार से इसी पालकी में सिंहासन पर विराजमान होकर काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश कीं। दिल्ली से 11 नवंबर को रवाना होने के बाद काशी पहुंचने के दौरान मां की प्रतिमा अलीगढ़, लखनऊ, अयोध्या, जौनपुर समेत यूपी के 18 जिलों से गुजरी। दिल्ली से काशी आई माता की प्रतिमा का सोमवार को नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह स्वागत किया। जगह-जगह पुष्प वर्षा, डमरू दल, घंटा घड़ियाल बजाकर माता की रास्ते भर आरती उतारी गई।

बता दें कि माता अन्नपूर्णा की भव्य यात्रा का नगर में भ्रमण कराया गया। जहां लोगों उनका  स्वागत किया और पूजा अर्चना की। माता अन्नपूर्णा की यह मूर्ति बलुआ पत्थर की बनी हुई है। बताया जाता है कि यह प्रतिमा 18 वीं सदी की है। प्रतिमा में माता अन्नपूर्णा के एक हाथ में खीर का कटोरा और दूसरे हाथ में चम्मच है। यह दुर्लभ प्रतिमा कनाडा से लाई गई है। जिसे ऐतिहासिक चीजों की तस्करी करने वालों ने चुराकर बेच दिया था। जिसे कनाडा के एक आर्ट गैलरी में रखा गया था। जहां भारतीय मूल की एक कलाकार ने इसकी पहचान और भारत सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाया। जिसके बाद इस प्रतिमा को भारत लाया गया।

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