29.3 C
Mumbai
Thursday, May 21, 2026
होमन्यूज़ अपडेटराऊत प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांजा और चिलम तोड़कर बैठते हैं: शेलार

राऊत प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांजा और चिलम तोड़कर बैठते हैं: शेलार

आशीष शेलार ने काव्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, 'मुंबई में उबाठा, धारावी के बारे में एक चर्चा मातोश्री से का चरहा तक होगी। यह मजाक और धोखाधड़ी का व्यवसाय है। उन्हें 500 फीट के घर चाहिए थे, फिर जब उद्धव मुख्यमंत्री बने तो उन्हें टेंडर में शर्त रखनी पड़ी| इसे क्यों नहीं कहते?

Google News Follow

Related

धारावी पुनर्विकास परियोजना पर ठाकरे समूह ने आक्रामक रुख अपना लिया है| धाराविकरों की मांगों को लेकर आज ठाकरे समूह ने मार्च का आयोजन किया है| साथ ही, ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और अडानी पर हमला बोला| संजय राउत ने आरोप लगाया कि धारावी पुनर्विकास परियोजना देश की सबसे बड़ी टीडीआर परियोजना है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार ने अपनी आलोचना का जवाब दिया है|
आशीष शेलार ने काव्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, ‘मुंबई में उबाठा, धारावी के बारे में एक चर्चा मातोश्री तक होगी। यह मजाक और धोखाधड़ी का व्यवसाय है। उन्हें 500 फीट के घर चाहिए थे, फिर जब उद्धव मुख्यमंत्री बने तो उन्हें टेंडर में शर्त रखनी पड़ी| इसे क्यों नहीं कहते? आज तुम परेशान क्यों हो? मुंबई और राज्य का कुछ विकास हुआ तो जिनके पेट में दर्द है, वे उबाठा हैं| तो यह उनके पेट दर्द के लिए एक कार्यक्रम है”, आशीष शेलार ने जवाब दिया।
संजय राऊत ने इस बात की भी आलोचना की कि धारावी से शुरू होने वाले ठाकरे समूह के मार्च को रोकने के लिए दिल्ली से दबाव है| इस पर आशीष शेलार ने कहा, फिर आप पर दबाव कौन डाल रहा था? क्या आप शरद पवार के दबाव में थे? क्या पवार ने दिल्ली से किया फोन?
संजय राउत ने आज आशंका जताई कि धारावी पुनर्विकास परियोजना अडानी समूह को दे दी जाएगी, धारावी में नशीली दवाओं की तस्करी बढ़ जाएगी, धारावी के बच्चे नशीली दवाओं के पैकेट बेचेंगे। इस पर आशीष शेलार ने कहा कि संजय राउत हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांजा और चिलम तोड़कर बैठते हैं| इसलिए वे जो कहते हैं उसमें कोई स्थिरता और सच्चाई नहीं है।

संजय राउत ने आज यह भी गंभीर आरोप लगाया कि धारावी पुनर्विकास परियोजना देश का सबसे बड़ा टीडीआर घोटाला है। उन्होंने कहा कि यह देश का सबसे बड़ा घोटाला है| इस पर आशीष शेलार ने कहा, इस टेंडर की शर्तें, प्रक्रियाएं और रणनीतिक फैसले उद्धव ठाकरे के समय में किए गए हैं|अगर टेंडर में गड़बड़ी हुई है, अगर टीडीआर घोटाला हुआ है तो सारा पाप उद्धवजी का है|

यह भी पढ़ें-

 

Victory Day 1971:…भारत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, 1971- विजय दिवस का क्या महत्व है?

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,481फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
308,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें