22 C
Mumbai
Thursday, January 1, 2026
होमदेश दुनियाबढ़ता जा रहा है कोसी का कहर, हाहाकार के बीच टूटा सीतामढ़ी...

बढ़ता जा रहा है कोसी का कहर, हाहाकार के बीच टूटा सीतामढ़ी तटबंध!

प्रशासन की और से बताया गया है की जल संसाधन विभाग की 90 इंजीनियरों की टीम 24 घंटे काम में लगाई गई है। किसी भी कटाव या खतरे की जानकरी पाते ही तुरंत कारवाई करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था बनाई है।

Google News Follow

Related

बिहार के वाल्मीकिनगर और बीरपुर बैराजों से लगातार पानी छोड़ने के बाद संपूर्ण प्रदेश में बाढ़ स्थिती उत्पन्न हुई है। बिहार सरकार ने बीरपुर और वाल्मीकिनगर से पानी छोड़ने के बाद राज्य के दक्षिणी, उत्तरी, और मध्य हिस्सों को बाढ़ की चेतावनी दी है। स्थानिक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार की रात बीरपुर बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गोपालपुर के पास कोसी पूर्वी तटबंध से भी रिसाव की सुचना मिली है।

इसी बीच खबर आयी है की सीतामढ़ी जिले मधकौल गांव में बागमती नदी का तटबंध टूट गया है। अधिकारीयों ने बताया है की इसकी मरम्मत जारी है।सीतामढ़ी के जिला मजिस्ट्रेट रिची पांडे ने कहा, ‘इस घटना के कारण, ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और मरम्मत कार्य जारी है, साथ ही किसी के हताहत होने की खबर भी नहीं आयी है।’

कोसी पूर्वी तटबंध से भी रिसाव के दरम्यान जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने तटबंध की मरम्मत की है। कोसी नदी पर बीरपुर बैराज से सुबह पांच बजे तक कुल 6.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। रिपोर्ट के अनुसार यह पिछले 56 सालों में सबसे ज्यादा है।

अधिकारियों ने कहा कि इस बैराज को खोलने से 13 जिलों के 16.28 लाख से अधिक लोगों का जीवन प्रभावित हो सकते है, जो पहले से ही भारी बारिश के बाद बाढ़ से प्रभावित थे। एहतियात के तौर पर कोसी बैराज के पास यातायात की आवाजाही रोक दी गई है। इसी तरह गंडक पर वाल्मिकीनगर बैराज से शनिवार रात 5.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

यह भी पढ़ें:

जम्मू कश्मीर में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर!

मेडिकल वीजा पर आया था टाइगर रॉबी, हमले के आरोपों के बीच सच आया सामने!

इजरायल ने मार गिराए हिजबुल्ला के और दो लीडर!

प्रशासन की और से बताया गया है की जल संसाधन विभाग की 90 इंजीनियरों की टीम 24 घंटे काम में लगाई गई है। किसी भी कटाव या खतरे की जानकरी पाते ही तुरंत कारवाई करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था बनाई है। विभाग के 3 चीफ इंजिनियर, 17 एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, 25 असिस्टैंट और 45 जूनियर इंजिनियर है अलर्ट मोड़ पर 24 घंटे निगरानी करेंगे। दरम्यान जल संसाधन मंत्री ने कहा है की, घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,530फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
285,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें