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Thursday, May 14, 2026
होमदेश दुनियाचर्चा में जगद्गुरु रामभद्राचार्य: 'भारत में राजनीति भगवाधारी करें, सूट-बूट पहनने वाले...'!

चर्चा में जगद्गुरु रामभद्राचार्य: ‘भारत में राजनीति भगवाधारी करें, सूट-बूट पहनने वाले…’!

एक तरफ आप भगवा वस्त्र पहनते हैं और दूसरों की आलोचना करते हैं। आप कहते हैं बटेंगे तो काटेंगे|

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पिछले दो दिनों से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान की जमकर चर्चा हो रही है|मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुंबई में ‘संविधान रक्षा’ कार्यक्रम में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा था। भगवा कपड़े पहनने को लेकर भी उनकी आलोचना की गई थी| इस पर अब राजनीतिक हलके समेत हर स्तर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं| इस पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मल्लिकार्जुन खड़गे को जवाब दिया है|

मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा?: मुंबई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने योगी आदित्यनाथ की कड़े शब्दों में आलोचना की. “कोई नेता के भेष में रहता है, लेकिन अच्छे राजनेता भी हुए हैं| वे मुख्यमंत्री भी बन गये हैं| वे भगवा रंग के कपड़े पहनते हैं| सिर पर बाल नहीं| एक ऐसे नेता हैं, जिन्हें भाजपा ने जन्म दिया है|

खड़गे ने कहा था हमें इससे कोई शिकायत नहीं है| मैं भाजपा से बस इतना कहना चाहता हूं कि या तो उन्हें सफेद कपड़े पहना दो, लेकिन अगर आप संन्यास की तरह भगवा वस्त्र पहनने जा रहे हैं, तो राजनीति से बाहर हो जाइए।”

“अगर आप भगवा कपड़े पहनकर राजनेता बनने जा रहे हैं, तो उन कपड़ों की पवित्रता क्या है? एक तरफ आप भगवा वस्त्र पहनते हैं और दूसरों की आलोचना करते हैं। आप कहते हैं बटेंगे तो काटेंगे| तो फिर आप तपस्वी जैसा वस्त्र क्यों पहनते हैं? आपका काम है सबको साथ लाना, जोड़ना, सबसे प्यार से बात करना। खड़गे ने इस दौरान ये भी कहा था.कि वे बड़ी-बड़ी कारों में आराम से घूमते हैं और गरीबों की बात करते हैं।’ वे लोगों के बीच जहर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं| इसलिए इनसे सावधान रहना जरूरी है|”

खड़गे के बयान की रामभद्राचार्य ने की आलोचना: इस बीच, जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एएनआई से बात करते हुए खड़गे के बयान की कड़ी आलोचना की है| “कहां कहा गया है कि भगवा वस्त्र पहनने वालों को राजनीति में नहीं आना चाहिए? तो फिर गैंगस्टरों को राजनीति में क्यों आना चाहिए? भगवा (जो भगवा वस्त्र पहनते हैं) को राजनीति करनी चाहिए।’

भगवा भगवान का रंग है| इसी भगवा ध्वज को फहराकर छत्रपति शिवाजी महाराज ने पूरे महाराष्ट्र को एक किया। भगवा को ही राजनीति करनी चाहिए| रामभद्राचार्य ने कहा, सूट-बूट पहनने वालों को भारत में राजनीति नहीं करनी चाहिए।

‘कटेंगे तो बटेंगे’ नारे का समर्थन: इस बीच रामभद्राचार्य ने योगी आदित्यनाथ के ‘कटेंगे तो बटेंगे’ नारे का भी समर्थन किया| “ये सच है अगर हम एकजुट हैं तो कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता. एक उंगली कमजोर है, लेकिन पांच अंगुलियों वाली मुट्ठी शक्तिशाली होती है”, जगदगुरी रामभद्राचार्य ने कहा।

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