पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में गिरफ्तार किए उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह का नाम चर्चा में है। 25 वर्षीय राज सिंह को पश्चिम बंगाल CID और मध्यमग्राम पुलिस ने 11 मई को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह हत्या में शामिल तीन बाहरी आरोपियों में से एक था। हालांकि पुलिस अब भी इस हत्याकांड के पीछे की साजिश और असली मकसद का पता लगाने में जुटी हुई है।
राज सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के चिलकहर ब्लॉक क्षेत्र का रहने वाला है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में सक्रिय था। उसने मुरली मनोहर टाउन पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में पढ़ाई के दौरान छात्र राजनीति में हिस्सा लेना शुरू किया था।
परिवार के अनुसार, पढ़ाई के बाद राज स्थानीय राजनीति में सक्रिय हो गया और चुनाव लड़ने की तैयारी करने लगा। उसके बड़े भाई यशवंत सिंह ने बताया कि राज पहले नगर निगम चुनाव लड़ना चाहता था, लेकिन सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो जाने के बाद उसने ब्लॉक प्रमुख चुनाव पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया।
परिवार का कहना है कि राज लगातार राजनीतिक नेताओं से संपर्क बढ़ा रहा था और राजनीति में अपना भविष्य बनाना चाहता था।
सोशल मीडिया पर भी राज सिंह काफी सक्रिय था। वह अक्सर विभिन्न नेताओं के साथ तस्वीरें साझा करता था। उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव भी बताया था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह के साथ तस्वीरें भी सामने आईं।
गिरफ्तारी के बाद दया शंकर सिंह ने स्पष्ट किया कि राज सिंह का भारतीय जनता पार्टी (BJP) से कोई संबंध नहीं है। वहीं BJP बलिया जिला अध्यक्ष संजय मिश्रा ने भी कहा कि केवल नेताओं के साथ तस्वीरें होने से किसी राजनीतिक जुड़ाव का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
राज सिंह अपने परिवार में तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा है। उसके भाई ने बताया कि उनके पिता केशव सिंह, जिनका 2018 में निधन हो गया था, वह भाजपा समर्थक थे और परिवार लंबे समय से पार्टी की विचारधारा से जुड़ा रहा है। परिवार का कहना है कि राज की अलग-अलग नेताओं के साथ तस्वीरें उसके सार्वजनिक जीवन और स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहने का हिस्सा थीं।
फिलहाल आपराधिक जांच विभाग (CID) मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या की योजना किसने बनाई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।
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