महाराष्ट्र के चर्चित TCS नासिक धार्मिक दबाव और महिला उत्पीड़न मामले में बुधवार (13 मई)को बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पार्षद मतीन पटेल से जुड़े कथित अवैध निर्माणों पर छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने बुलडोजर कार्रवाई की। मतीन पटेल पर मुख्य आरोपी निदा खान को फरार रहने के दौरान शरण देने का आरोप है।
नगर निगम अधिकारियों ने भारी पुलिस सुरक्षा के बीच नारेगांव इलाके में स्थित मतीन पटेल के घर, कार्यालय और कई दुकानों के हिस्सों को ध्वस्त किया। यह कार्रवाई नगर निगम द्वारा जारी नोटिस के कुछ दिनों बाद की गई। निगम ने पटेल को कथित अवैध निर्माणों के संबंध में नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
मुख्य आरोपी निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था। महाराष्ट्र पुलिस का दावा है कि फरार रहने के दौरान मतीन पटेल ने उसे पनाह दी थी। निदा खान पर नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े BPO कार्यालय में महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े कई मामलों में आरोप हैं।
9 मई को नगर निगम ने मतीन पटेल को 72 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया था। नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नगर निगम कानूनी कार्रवाई करेगा।
इसके बाद मतीन पटेल ने बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए अदालत का रुख किया, लेकिन अदालत से कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट से स्थगन नहीं मिलने के बाद बुधवार सुबह प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी।
छत्रपति संभाजीनगर के मेयर समीर राजुरकर ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया पुलिस सुरक्षा के बीच की गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संपत्ति दस्तावेजों और चुनावी हलफनामों में गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो मतीन पटेल की पार्षद सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
वहीं AIMIM के पूर्व सांसद इम्तिआज़ जलील ने मंगलवार रात नारेगांव पहुंचकर मतीन पटेल के परिवार से मुलाकात की और नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जल्दबाजी में कार्रवाई कर रहा है।
इम्तियाज जलील ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “हमने कोर्ट से एक हफ़्ते का समय मांगा था, लेकिन नगर निगम कंस्ट्रक्शन को गिराने की जल्दी में है। गिराने के बाद, हम मतीन और उसके परिवार के लिए एक ऐसा घर बनाएंगे जिसे पूरा देश देखेगा।”
इस बीच नासिक पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) TCS नासिक कार्यालय से जुड़े नौ अलग-अलग मामलों की जांच कर रही है। इन मामलों में महिला उत्पीड़न, छेड़छाड़, धार्मिक दबाव और मानसिक प्रताड़ना के आरोप शामिल हैं।
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