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‘ईस्टर ट्रूस’ या छलावा? पुतिन की 30 घंटे की युद्धविराम घोषणा पर जेलेंस्की को संदेह !

यही युद्धविराम का मार्ग आगे चलकर दोनों देशों में शांति आए ऐसी यूक्रेनी नागरिकों की उम्मीद है। 

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रूस-यूक्रेन युद्ध अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है, लेकिन जमीनी हालात आज भी बारूद की महक से सने हैं। ऐसे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा घोषित 30 घंटे के युद्धविराम को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने ‘छलावा’ और ‘मानव जीवन से खिलवाड़’ करार दिया है। ‘ईस्टर ट्रूस’ के नाम पर पुतिन ने इसे मानवीय पहल की तरह प्रस्तुत किया, पर यूक्रेन ने इसे साफ-साफ खारिज कर दिया।

पुतिन ने शनिवार शाम 6 बजे से रविवार मध्यरात्रि तक युद्ध रोकने का आदेश दिया, जिसमें उन्होंने कीव से भी इसका पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह युद्धविराम एक “मानवता की परीक्षा” है और शांति वार्ता में यूक्रेन की ईमानदारी को परखने का एक अवसर। लेकिन जेलेंस्की ने इस प्रस्ताव को पुतिन की एक और रणनीतिक चाल बताते हुए सोशल मीडिया पर तीखा वार किया—“इंसानों की जिंदगी से खेलने का ये एक और प्रयास है… हमारे आसमान में शहीद ड्रोन ईस्टर और मानव जीवन के प्रति पुतिन के वास्तविक दृष्टिकोण को उजागर करते हैं।”

जेलेंस्की के मुताबिक, बेलगोरोद और कुर्स्क जैसे रूसी क्षेत्रों से अब भी सैन्य कार्रवाई जारी है, और यूक्रेनी क्षेत्र में ड्रोन हमलों की खबरें आ रही हैं। उनका कहना है कि “थोड़ी बहुत शांति कहीं दिख रही है तो वह भी केवल अस्थायी है।” यूक्रेनी सैनिक दिमित्री की बात इस अविश्वास को और पुख्ता करती है—“इन 30 घंटों में कुछ नहीं बदलेंगे, हत्याएं जारी रहेंगी।”

परंतु इस अविश्वास भरे माहौल में एक सकारात्मक संकेत भी सामने आया—रूस और यूक्रेन ने 246-246 युद्धबंदियों की अदला-बदली की। जेलेंस्की ने जानकारी दी कि अब तक कुल 4,552 यूक्रेनी सैनिकों को रिहा कराया जा चुका है। क्या यह एक नरमी की शुरुआत है या फिर सिर्फ दिखावे की राजनीति—इस पर राय बंटी हुई है।

पुतिन का दावा है कि यह युद्धविराम कीव शासन की विश्वसनीयता की परीक्षा है। लेकिन विडंबना यह है कि ऐसी ही कोशिशें 2022 के ईस्टर और 2023 के ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस पर भी हुईं, जो परस्पर अविश्वास और हिंसा के कारण धराशायी हो गईं।

एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि यूक्रेन एक महीने पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 30-दिवसीय युद्धविराम पर सहमत हो चुका था, लेकिन तब रूस ने इसे ठुकरा दिया था। और अब जब वही रूस ‘ईस्टर ट्रूस’ की बात कर रहें है। हालाँकि यही युद्धविराम का मार्ग आगे चलकर दोनों देशों में शांति आए ऐसी यूक्रेनी नागरिकों की उम्मीद है।

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