तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों शब्दों की तलवारें खूब चल रही हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता एच राजा ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘तमिलनाडु का केजरीवाल’ करार दिया है। राजा के मुताबिक स्टालिन, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह ही ‘झूठ बोलने और तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने’ में माहिर हैं। उन्होंने दावा किया कि डीएमके नेता स्टालिन और मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत पर चल रहे मंत्री सेंथिल बालाजी दोनों जल्द जेल की हवा खाएंगे। ये बयान उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन के साथ पलानी मंदिर दर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत में दिया।
सेंथिल बालाजी, जिन्होंने 495 दिन जेल में बिताने के बाद 29 सितंबर 2024 को रिहाई पाई, अब फिर से मंत्री बन गए हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी हैरानी जाहिर की थी, मगर डीएमके सरकार को इससे कोई संकोच नहीं हुआ। राजा ने डीएमके के दोहरे रवैये पर हमला बोलते हुए नीट परीक्षा के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में डीएमके ही कांग्रेस के साथ मिलकर नीट लेकर आई थी और आज वही पार्टी इसे समाप्त करने की नौटंकी कर रही है। उनका कहना था कि यदि स्टालिन वाकई नीट खत्म करना चाहते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करें, मीडिया मंचों पर ‘ड्रामा’ बंद करें।
राजा ने राज्य में बढ़ते नशे के मामलों को लेकर भी स्टालिन सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि
तमिलनाडु पुलिस गांजा तो पकड़ रही है, लेकिन एक ग्राम सिंथेटिक ड्रग्स भी जब्त नहीं कर सकी। वरिष्ठ नेता ने स्टालिन की राज्यपाल संग अनबन का जिक्र किया। राज्यपाल के इस सवाल का जवाब क्यों नहीं दिया। इसके अलावा, राजा ने डीएमके मंत्री सेंथिल बालाजी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी जेल वापसी तय है और स्टालिन भी उनके साथ जा सकते हैं।
तमिल राजनीति में यह बयानबाजी महज विपक्षी तंज नहीं, बल्कि 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी का बिगुल लगती है। एच राजा के आरोप, डीएमके सरकार की कथित कमजोरियों को उजागर करने का प्रयास हैं, वहीं स्टालिन पर जेल की भविष्यवाणी ने तमिलनाडु की सियासी पटकथा में नया मोड़ ला दिया है।
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