पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उबाल आया है। मौजूदा जानकारी के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर्स के ऊपर पहुंच चुकी है। इसी से सोमवार (9 मार्च) सुबह भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के Sensex 2,300 अंक से अधिक लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 23,800 के स्तर से नीचे फिसल गया। बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटो और एविएशन सेक्टर के शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई।
सुबह लगभग 9:21 बजे सेंसेक्स 2,344.63 अंक या 2.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,574.27 पर पहुंच गया। कारोबार की शुरुआत 77,056.75 के स्तर से हुई थी और दिन के दौरान यह 76,573.01 तक फिसल गया। इसी तरह निफ्टी 50 भी 703.15 अंक यानी 2.88 प्रतिशत गिरकर 23,747.30 पर पहुंच गया। सूचकांक में शामिल 50 में से 48 शेयर गिरावट में थे, जबकि केवल दो में ही बढ़त दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में यह गिरावट पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी से जुड़ी है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया, जो जुलाई 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 19.8 प्रतिशत बढ़कर 111.04 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 22 प्रतिशत से अधिक उछलकर 111.24 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इराक और कुवैत द्वारा उत्पादन घटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति में बाधा की आशंका ने बाजारों में चिंता बढ़ा दी है।
वैश्विक बाजारों में भी बड़ी गिरावट:
तेल कीमतों के झटके का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर भी दिखाई दिया। जापान का Nikkei 225 करीब 7 प्रतिशत गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का KOSPI 8 प्रतिशत तक लुढ़क गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 4 प्रतिशत से अधिक गिरा, जबकि इंडोनेशिया का Jakarta Composite Index भी लगभग 4 प्रतिशत नीचे आ गया।
बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में दबाव
दलाल स्ट्रीट पर सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर देखा गया। स्टेट बैंक के शेयर 4.58 प्रतिशत गिर गए, जबकि ICICI बैंक 3.77 प्रतिशत और एक्सिस बैंक 3.49 प्रतिशत नीचे आए।
इसके अलावा HDFC बैंक, बजाज फाइनांस और बजाज फिनसर्व में भी 3 प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सेन एंड टूब्रो के शेयर लगभग 5 प्रतिशत टूट गए, जबकि टाटा स्टील में भी 5 प्रतिशत से अधिक गिरावट देखी गई।
एविएशन और ऑटो सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का सीधा असर एविएशन सेक्टर पर पड़ा। इंटरग्लोब एविएशन के शेयर शुरुआती कारोबार में 6.6 प्रतिशत से अधिक गिर गए। ऑटो सेक्टर में मारुती सुजुकी के शेयर 4.5 प्रतिशत से अधिक गिरे, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी 3 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
कमजोर बाजार के बीच कुछ ऊर्जा कंपनियों में बढ़त देखने को मिली। तेल और प्राकृतिक गैस निगम और कोल इंडिया के शेयरों में तेजी रही, क्योंकि तेल और ऊर्जा कीमतों में उछाल से इन कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ऊर्जा आपूर्ति में संभावित व्यवधान के कारण आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है। यदि तेल कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इससे वैश्विक महंगाई और आर्थिक वृद्धि पर भी दबाव बढ़ सकता है।
यह भी पढ़ें:
भारत ने अब तक जीते 5 वर्ल्ड कप खिताब, हर बार खास रहा है ‘केरल कनेक्शन’!
“भारत ने क्रिकेट को बर्बाद कर दिया” शोएब अख्तर की जलन आई सामने
न्यूजीलैंड ने गिफ्ट में दे दिया ‘विश्व कप’, भारत की जीत को पचा नहीं पा रहे मोहम्मद आमिर!



