विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार (13 जून)को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया और भारत की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया। यूरोप दौरे पर मौजूद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा, “आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई। मैंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के हमलों के खिलाफ भारत का कड़ा विरोध दोहराया, जिनमें तीन भारतीय नाविकों की जान गई।” वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ इस प्रकार की घातक कार्रवाई उचित नहीं है।”
इस घटना के बाद भारत ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी प्रभारी राजनयिक जेसन मीक्स को तलब किया और स्पष्ट किया कि भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर घातक सैन्य कार्रवाई अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय ने नागरिक जहाजरानी के खिलाफ बल प्रयोग पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित करते हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, 8 जून को पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर मारिवेक्स को अमेरिकी बलों ने निष्क्रिय कर दिया था। जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
इसके दो दिन बाद 10 जून को पलाऊ ध्वज वाले दूसरे टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर अमेरिकी हमला हुआ। जहाज पर मौजूद 24 भारतीय नाविकों में से 21 को बचा लिया गया, जबकि तीन लापता नाविकों की बाद में मृत्यु की पुष्टि हुई। मृतकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरासिया और मुख्य अभियंता पतनाला सुरेश के रूप में हुई।
इसके अलावा, गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले टैंकर जलवीर, जिस पर 20 भारतीय नागरिक सवार थे, पर भी गुरुवार को हमला हुआ। एक सप्ताह के भीतर भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों के निशाने पर आने से दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक माने जाने वाले खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पहले कहा था कि भारतीय चालक दल वाले व्यापारी जहाजों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया।
सरकार ने संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और भारतीय नौसेना, शिपिंग कंपनियों तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री प्राधिकरणों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
अमेरिकी सेना का कहना है कि एमटी सेट्टेबेलो को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उसने कथित तौर पर ईरान से जुड़े जहाजों पर लागू नाकेबंदी के दौरान अमेरिकी निर्देशों का पालन नहीं किया था।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर हुए ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “कल रात होर्मुज़ जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ईरान के ड्रोन हमले को पूरी तरह नाकाम कर दिया गया; यह हरकत बिल्कुल भी बर्दाश्त करने लायक नहीं है। उन्हें जल्द से जल्द अपनी हरकतें सुधार लेनी चाहिए।”
तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद पूरे देश में शोक का माहौल है। भारत दुनिया में समुद्री क्षेत्र के लिए मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाले प्रमुख देशों में शामिल है और आने वाले दिनों में भारतीय नाविकों की सुरक्षा तथा खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजरानी की रक्षा का मुद्दा भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं में प्रमुखता से उठने की संभावना है।
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