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एक साल में 9 अरब लीटर पानी पी गए अमेज़न के डेटा सेंटर्स

पहली बार सार्वजनिक किए जल उपयोग के आंकड़े; 2030 तक ‘वॉटर पॉजिटिव’ बनने का लक्ष्य, AI डेटा सेंटरों के पर्यावरणीय प्रभाव पर बढ़ रही वैश्विक चिंता

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दुनियाभर में डेटा सेंटरों की बढ़ती संख्या और उनके पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर सवाल उठते रहते है, आलोचनाएं होती रहती है। इस दौर के बीच अमेज़न ने पहली बार अपने जल उपयोग से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए हैं। कंपनी के अनुसार, उसके वैश्विक डेटा सेंटर संचालन ने वर्ष 2025 में लगभग 2.5 अरब गैलन यानी 9 अरब लीटर से अधिक पानी का उपयोग किया।

हालांकि यह आंकड़ा काफी बड़ा दिखाई देता है, लेकिन अमेज़न का दावा है कि उसके सीधे स्वामित्व और संचालन वाले डेटा सेंटरों में पानी की खपत 2024 की तुलना में 2 प्रतिशत कम हुई है, जबकि इस दौरान कंपनी ने अपने डेटा सेंटर नेटवर्क का विस्तार भी किया।

कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से ये आंकड़े जारी किए। ऐसे समय में यह खुलासा किया गया है जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डेटा सेंटरों के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर दुनिया भर में बहस तेज हो रही है। अमेरिका के सिएटल शहर में हाल ही में डेटा सेंटरों पर एक वर्ष का अस्थायी प्रतिबंध भी लागू किया गया था, जिसका कुछ अमेज़न कर्मचारियों ने समर्थन किया था।

अमेज़न ने अपने ब्लॉग में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और मेटा जैसी कंपनियों के साथ तुलना करते हुए दावा किया कि वर्ष 2025 में उसके डेटा सेंटरों ने प्रति किलोवाट-घंटा बिजली पर केवल 0.12 लीटर पानी का उपयोग किया, जो प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में सबसे कम है।

हालांकि, इस तुलना को लेकर कुछ महत्वपूर्ण अंतर भी सामने आए हैं। अमेज़न के आंकड़े उसके संपूर्ण संचालन पर आधारित हैं, जबकि गूगल के संदर्भ में दिए गए आंकड़े केवल जेमिनी AI डेटा सेंटरों की जल खपत से जुड़े बताए गए हैं। AI डेटा सेंटरों में उच्च क्षमता वाले ग्राफिक्स प्रोसेसर (GPU) के कारण सामान्य डेटा सेंटरों की तुलना में अधिक पानी की आवश्यकता होती है।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेज़न के पास दुनिया भर में लगभग 924 डेटा सेंटर हैं। वर्ष 2022 में लीक हुए एक आंतरिक दस्तावेज में अनुमान लगाया गया था कि 2030 तक कंपनी के डेटा सेंटरों की वार्षिक जल खपत 7.7 अरब गैलन तक पहुंच सकती है। हालांकि अमेज़न ने इन रिपोर्टों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

इसी बीच, डेटा सेंटरों को लेकर जनमत भी पूरी तरह अनुकूल नहीं दिखाई दे रहा है। 8 जून को समाप्त हुए एक रॉयटर्स सर्वेक्षण के अनुसार, हर तीन में से एक अमेरिकी डेटा सेंटर निर्माण का समर्थन करता है, लेकिन केवल 14 प्रतिशत लोग अपने घर के पास ऐसे केंद्र के निर्माण को लेकर सहज महसूस करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय के जल, पर्यावरण और स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, वर्ष 2030 तक वैश्विक डेटा सेंटरों का जल पदचिह्न 9.3 ट्रिलियन लीटर तक पहुंच सकता है। यह मात्रा उप-सहारा अफ्रीका के 1.3 अरब निवासियों की एक वर्ष की घरेलू जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त मानी जाती है।

अमेज़न का कहना है कि उसके डेटा सेंटरों द्वारा उपयोग किया जाने वाला पानी अमेरिका में लॉन और बगीचों की सिंचाई में खर्च होने वाले पानी की तुलना में बहुत कम है। कंपनी के मुताबिक अमेरिकी नागरिक हर साल लगभग 3.3 ट्रिलियन गैलन पानी अपने बगीचों और लॉन पर खर्च करते हैं, जो अमेज़न के डेटा सेंटरों की जल खपत से 1,300 गुना अधिक है।

कंपनी ने वर्ष 2030 तक ‘वॉटर पॉजिटिव’ बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका अर्थ है कि कंपनी अपने डेटा सेंटरों में जितना पानी उपयोग करेगी, उससे अधिक मात्रा समुदायों को वापस उपलब्ध कराएगी। अमेज़न के अनुसार वह इस लक्ष्य का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा पहले ही हासिल कर चुकी है।

कंपनी ने बताया कि उसके 26 डेटा सेंटर पूरी तरह उपचारित या पुनर्चक्रित जल का उपयोग करते हैं, जबकि विश्व स्तर पर 130 अन्य परियोजनाओं के लिए भी ऐसे समझौते किए जा चुके हैं। अमेज़न का कहना है कि उसके डेटा सेंटर लगभग 90 प्रतिशत समय बाहरी हवा के माध्यम से ठंडे रखे जाते हैं और केवल अत्यधिक गर्म दिनों में ही पानी आधारित शीतलन प्रणाली का उपयोग किया जाता है।

डेटा सेंटरों की जल खपत को लेकर पारदर्शिता की मांग भी लगातार बढ़ रही है। अमेरिका के ओरेगन राज्य के द डैल्स शहर में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद गूगल के जल उपयोग से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करने पर सहमति बनी, जबकि यूटा हाल ही में ऐसा कानून पारित करने वाला पहला अमेरिकी राज्य बना है, जो नए डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए वार्षिक जल उपयोग का खुलासा अनिवार्य करता है।

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