27 C
Mumbai
Wednesday, March 18, 2026
होमधर्म संस्कृतिसंघ शताब्दी के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया 100 रुपये...

संघ शताब्दी के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया 100 रुपये का सिक्का !

पहली बार मुद्रा पर भारत माता की तस्वीर

Google News Follow

Related

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (1 अक्टूबर) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के अवसर पर एक विशेष डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किया। इस मौके को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार भारतीय मुद्रा पर भारत माता की भव्य छवि अंकित की गई है।

100 रुपये के इस सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न है, जबकि दूसरी ओर वरद मुद्रा में भारत माता की आकर्षक प्रतिमा अंकित है। इस छवि में भारत माता हथेली बाहर की ओर किए हुए दिखाई देती हैं, जो आशीर्वाद और अर्पण का भाव प्रकट करती है। इसके साथ ही एक सिंह और स्वयंसेवकों को श्रद्धा व समर्पण भाव से नतमस्तक दिखाया गया है। सिक्के पर आरएसएस का आदर्श वाक्य “राष्ट्रीय स्वाहा, इदं राष्ट्राय, इदं न मम” भी अंकित है, जिसका अर्थ है – “सब कुछ राष्ट्र को समर्पित, सब कुछ राष्ट्र का है, कुछ भी मेरा नहीं है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा, “यह पल अत्यंत गौरव का क्षण है, जब भारत माता की छवि पहली बार भारतीय मुद्रा पर अंकित हुई है। यह केवल एक सिक्का नहीं बल्कि राष्ट्रभक्ति, समर्पण और आत्मगौरव का प्रतीक है।” कार्यक्रम में जारी किए गए डाक टिकट में 1963 की गणतंत्र दिवस परेड का दृश्य दर्शाया गया है, जिसमें आरएसएस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया था। इससे संगठन के ऐतिहासिक योगदान और अनुशासनबद्ध सेवा भावना को रेखांकित किया गया है।

शताब्दी समारोह का आयोजन संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया गया, जिसमें आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत उपस्थित रहे।

1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा नागपुर में स्थापित आरएसएस का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं भी संघ से जुड़े रहे हैं और भाजपा में शामिल होने से पहले एक प्रचारक के रूप में उन्होंने संगठनात्मक भूमिका निभाई थी।

शताब्दी समारोह का उद्देश्य न केवल आरएसएस के वैचारिक योगदान को रेखांकित करना है, बल्कि उसके सामाजिक कार्यों जैसे रक्तदान, युद्ध समय में सेना की सहायता, भोजन वितरण और आपदा राहत अभियानों, चाहे वह केदारनाथ आपदा हो, बिहार बाढ़ हो या कोविड-19 महामारी इन सभी भी सामने लाना है।

यह भी पढ़ें:

पीओके में प्रदर्शन हिंसक: पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शनकारियों पर चलाई गोलिया; 12 की मौत, सैकड़ों घायल!

बरेली विवाद: हॉल सील होने से 600 शादियों की योजनाएँ नाकाम!

विजयादशमी पर गोधरा में 35 अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई, 1,000 पुलिसकर्मी तैनात!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,023फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
298,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें