AI नहीं अपनाया तो प्रमोशन नहीं, Accenture का संदेश

11,000 नौकरों की छंटनी के बाद कंपनी का सख्त रुख

AI नहीं अपनाया तो प्रमोशन नहीं, Accenture का संदेश

No promotion if you don't adopt AI, says Accenture

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में कॉरपोरेट दुनिया तेजी से बदलाव की ओर बढ़ रही है। इसी कड़ी में आईटी और कंसल्टिंग दिग्गज Accenture ने अपने वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए स्पष्ट संदेश दिया है की अगर काम में नियमित रूप से AI टूल्स का इस्तेमाल नहीं किया, तो प्रमोशन की राह मुश्किल हो सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने एसोसिएट डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजर्स को ईमेल के जरिए सूचित किया है कि नेतृत्व भूमिकाओं में पदोन्नति के लिए AI टूल्स का नियमित इस्तेमाल जरूरी होगा। यानी, प्रदर्शन मूल्यांकन में अब यह भी देखा जाएगा कि कर्मचारी अपने काम में AI का कितना और कैसे उपयोग कर रहे हैं।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कंपनी पहले ही 11,000 कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है। कंपनी का मानना था कि इन कर्मचारियों को AI के अनुरूप “reskill” करना संभव नहीं था। पिछले तीन वर्षों में कंपनी ने सेवरेंस पैकेज के रूप में करीब 2 अरब डॉलर खर्च किए हैं।

हाल ही में आयोजित India AI Impact Summit में कंपनी की सीईओ जूली स्वीट ने कहा, “कंपनियों को अपने प्रोसेस को चलाने के तरीके को बदलने के लिए तैयार रहना चाहिए, पिछले कुछ दशकों से वे कैसे काम कर रही हैं। कंपनियों को अपने वर्कफोर्स को नया आकार देने के लिए इन्वेस्ट करना होगा।”

कंपनी AI को अपनी भविष्य की रणनीति का केंद्र बना रही है। Accenture ने NVIDIA के साथ मिलकर “एआई रिफाइनरी” प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसे लेकर जूली स्वीट ने पहले कहा था कि “यह प्लेटफॉर्म कंपनियों को अपनी प्रक्रियाओं और परिचालनों की पुनर्कल्पना करने के अवसर प्रदान करता है।”

Accenture अकेली कंपनी नहीं है जो कर्मचारियों पर AI अपनाने का दबाव बना रही है।

Microsoft ने जून 2025 में कर्मचारियों को बताया था कि “AI का इस्तेमाल अब विकल्प नहीं है।” माइक्रोसॉफ्ट की एक्जीक्यूटिव जूलिया लियूसन ने मैनेजर्स से कहा था कि परफॉर्मेंस रिव्यू में AI उपयोग को शामिल किया जाए। सीईओ सत्या नडेला ने भी कथित तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों को संकेत दिया था कि यदि वे कंपनी की AI रणनीति में विश्वास नहीं रखते, तो उन्हें अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए।

इसी तरह मेटा ने पिछले साल अक्टूबर से कर्मचारियों के AI उपयोग को ट्रैक करना शुरू किया। Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी कहा था कि जो कर्मचारी AI का उपयोग नहीं करेंगे, वे पिछे रह जाएंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, Accenture अपने इन-हाउस AI प्लेटफॉर्म्स जैसे AI Refinery में कर्मचारियों के लॉग-इन और उपयोग डेटा को ट्रैक करेगी। इससे कंपनी को यह स्पष्ट तस्वीर मिलेगी कि कौन कर्मचारी AI टूल्स का सक्रिय रूप से इस्तेमाल कर रहा है।

हालांकि, यह नीति सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी। 12 यूरोपीय देशों के कर्मचारी और वे डिवीज़न जो अमेरिकी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट संभालते हैं, नियामकीय या संविदात्मक प्रतिबंधों के कारण इस अनिवार्यता से फिलहाल बाहर रहेंगे। यह भी स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में एंट्री-लेवल कर्मचारियों पर भी ऐसी शर्त लागू होगी या नहीं।

पिछले एक वर्ष में Amazon, TCS, Infosys और Accenture जैसी कंपनियों सहित एक लाख से अधिक आईटी कर्मचारियों की छंटनी हुई है। कंपनियां मान रही हैं कि AI के जरिए उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है और हेडकाउंट घटाया जा सकता है।

स्पष्ट है कि टेक इंडस्ट्री अब AI-प्रेरित भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए यह संदेश साफ है—AI को अपनाना अब विकल्प नहीं, बल्कि करियर प्रगति की शर्त बनता जा रहा है।

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