सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट और होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खुलने की संभावनाओं के बीच निवेशकों की धारणा मजबूत हुई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी देखने को मिली। सोमवार(25 मई) सुबह शुरुआती कारोबार में बीएसई का सेंसेक्स 850 अंकों से अधिक उछलकर 76,275 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी 250 अंकों से ज्यादा बढ़कर 23,973.15 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। निफ्टी एक बार फिर 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के बेहद करीब पहुंच गया।
बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई करीब 5 प्रतिशत की गिरावट रही। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर सहमति बनी है। हालांकि समझौते के अंतिम विवरण पर अभी बातचीत जारी है और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह हटाई नहीं गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “एक समझौता काफी हद तक तय हो चुका है, जिसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और अन्य संबंधित देश शामिल हैं।”
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। इसके खुलने की संभावना से तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुईं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स करीब 5 प्रतिशत गिरकर 91.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमतें भी लगभग 5 प्रतिशत टूटकर 98.30 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करती दिखीं। कॉमेक्स पर कच्चा तेल 4.93 प्रतिशत गिरकर 91.84 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।
तेल कीमतों में गिरावट का सबसे ज्यादा फायदा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों को मिला। बाजार में इन कंपनियों के शेयरों में 5 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। निवेशकों को उम्मीद है कि सस्ते कच्चे तेल से इन कंपनियों के मार्जिन में सुधार होगा।
एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 पहली बार 65,000 के स्तर को पार करते हुए रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। सोमवार को यह सूचकांक 2.75 प्रतिशत की तेजी के साथ 65,081.96 पर पहुंचा। वहीं टॉपिक्स इंडेक्स में भी 0.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद रहे।
अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को मेमोरियल डे के कारण बंद रहेंगे। हालांकि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स 294 अंक चढ़कर 50,579.70 पर बंद हुआ था, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट में भी बढ़त दर्ज की गई थी।
इससे पहले शुक्रवार को भारतीय बाजार भी हरे निशान में बंद हुए थे। एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 65 अंक बढ़कर 23,719 पर बंद हुआ था, जबकि बीएसई सेंसेक्स 232 अंक की बढ़त के साथ 75,415 के स्तर पर बंद हुआ था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी आती है, तो भारतीय बाजारों में आने वाले दिनों में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
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