वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने एक बड़ा कॉरपोरेट ऑर्डर हासिल किया है। कंपनी ने सोमवार, (8 जून) को घोषणा की कि उसे 300 मेगावाट (MW) / 450 मेगावाट-पीक (MWp) ग्राउंड-माउंट सोलर प्रोजेक्ट के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
इस प्रोजेक्ट में केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि दो वर्षों तक संचालन और रखरखाव (O&M) सेवाएं भी शामिल हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक यूनिट सन्सेशनल पावर प्राइवेट लिमिटेड (SPPL) द्वारा दिया गया है।
कंपनी के अनुसार यह प्रोजेक्ट वित्तीय वर्ष 2026–27 के दौरान पूरा किया जाएगा, जिससे वारी रिन्यूएबल की ऑर्डर बुक और राजस्व दृश्यता को और मजबूती मिलेगी।
यह EPC कॉन्ट्रैक्ट ग्राउंड-माउंटेड सोलर फोटोवोल्टिक प्लांट के संपूर्ण विकास से जुड़ा है, जिसमें इंजीनियरिंग, उपकरणों की खरीद और निर्माण शामिल है। इसके साथ ही कंपनी अगले दो वर्षों तक प्लांट के सुचारू संचालन के लिए O&M सेवाएं भी प्रदान करेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के इन-हाउस प्रोजेक्ट्स से कंपनियों को लागत पर बेहतर नियंत्रण, तकनीकी मानकीकरण और तेजी से निष्पादन में मदद मिलती है।
चूंकि यह प्रोजेक्ट वारी रिन्यूएबल की ही सहायक कंपनी द्वारा दिया गया है, इसलिए इसे संबंधित-पक्ष (related-party) लेनदेन के रूप में माना जाएगा। इस व्यवस्था से वारी समूह को अपनी पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने और अपने EPC डिवीजन की विशेषज्ञता का उपयोग करने में मदद मिलेगी। यह नया ऑर्डर ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने मजबूत वित्तीय नतीजे दर्ज किए हैं। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 155.74 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 66.02% की वृद्धि दर्शाता है।
इसी अवधि में ऑपरेशंस से राजस्व 130.23% बढ़कर 1,108.44 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह प्रदर्शन कंपनी की निष्पादन क्षमता और सोलर सेक्टर में बढ़ती मांग का संकेत देता है।
300MW/450MWp का यह प्रोजेक्ट कंपनी के हालिया बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में से एक माना जा रहा है, जो इसकी ऑर्डर बुक को और मजबूत करेगा। हालांकि पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में 6.3% की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन पिछले छह महीनों में इसने S&P BSE 100 इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है।
सोमवार के कारोबारी सत्र में बाजार की कमजोरी के बीच कंपनी का शेयर 2.36% गिरकर लगभग 947.35 रुपये पर बंद हुआ। वर्तमान में कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 10,124.20 करोड़ रुपये है।
भारत का सोलर एनर्जी सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्ष 2026 में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट बनने की दिशा में है। वित्त वर्ष 2026 में देश ने रिकॉर्ड 44.6 गीगावॉट सोलर क्षमता जोड़ी, जिससे कुल स्थापित क्षमता 150 गीगावॉट से अधिक हो गई है।
सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करना है, जिसके लिए हर साल बड़े पैमाने पर सोलर इंस्टॉलेशन की जरूरत होगी।
ग्राउंड-माउंटेड सोलर EPC मार्केट 2026 तक 8–12 अरब डॉलर के बीच पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 12–16% की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वारी जैसी कंपनियों के लिए यह समय तेजी से विस्तार और मजबूत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का अवसर है, खासकर जब भारत क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को तेज कर रहा है।
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