पुलिस के अनुसार, बांगुर नगर थाने में तैनात अधिकारी देवेंद्र थोराट और उनके सहकर्मी प्रशांत बोरकुट रात की ड्यूटी के बाद घर लौट रहे थे। तभी उन्होंने अरुणा आसफ अली रोड पर एक इमारत के सामने संदिग्ध सफेद बोलेरो गाड़ी देखी, जिस पर महाराष्ट्र पुलिस का लोगो लगा था।
पूछताछ में अंजलि छाबड़ा ने बताया कि वह रितेश कौल की कंपनी ‘रोज़ ऑडियो विजुअल्स’ के लिए कंटेंट क्रिएटर है और वे एक जागरूकता वीडियो बना रहे थे। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास शूटिंग की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी।
पुलिस ने बताया कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर शूटिंग करना और पुलिस की वर्दी और वाहन का दुरुपयोग करना गंभीर अपराध है। मामले की गहन जांच शुरू की गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो का उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे कोई विशेष एजेंडा था। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह के कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर बोले सीएम योगी, कहा “अपराध न्यूनतम, सजा दिलाने में यूपी नंबर वन”



