एनडीपीएस मामलों में आसाम सबसे आगे; हेरोइन जब्ती में मणिपुर नंबर वन

पूर्वी भारत के 12 राज्यों की सीमा-पार मादक पदार्थ तस्करी और जब्ती रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत आसाम सबसे अधिक मामले दर्ज करने वाला राज्य बनकर सामने आया है। यह मादक पदार्थों की जब्ती, गिरफ्तारी और बरामदगी में बड़ी वृद्धि को दर्शाता है, जबकि मणिपुर हेरोइन जब्ती का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यह जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के आंकड़ों पर आधारित पूर्वी भारत के 12 राज्यों की सीमा-पार मादक पदार्थ तस्करी और जब्ती रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में आसाम में 12,500 NDPS मामले दर्ज किए गए और 20,398 गिरफ्तारियां हुईं। ओडिशा 12,405 मामलों और 17,016 गिरफ्तारियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

हालांकि कुल मामलों में आसाम शीर्ष पर है, लेकिन मणिपुर में सबसे अधिक 1,750.34 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई, जिससे वह 12 राज्यों में हेरोइन जब्ती का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गया है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब केंद्र सरकार ने 2047 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है।

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सरकार के इस संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भूमि और समुद्री सीमाओं के जरिए होने वाली ड्रग तस्करी पर सख्त कार्रवाई, NCB को मजबूत करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

रिपोर्ट में मणिपुर को पूर्वोत्तर क्षेत्र का “उच्च-मूल्य तस्करी जोखिम क्षेत्र” बताया गया है। म्यांमार से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के कारण यहां आने वाला अधिकांश मादक पदार्थ “गोल्डन ट्रायंगल” से आता है। यह वह क्षेत्र है जो म्यांमार, लाओस और थाईलैंड में फैले हेरोइन व सिंथेटिक ड्रग्स उत्पादन के लिए कुख्यात है।

हेरोइन जब्ती के मामले में पश्चिम बंगाल में 605.8 किलोग्राम, असम में 573.96 किलोग्राम और बिहार में 485.24 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई।

रिपोर्ट में मिजोरम को कृत्रिम मादक पदार्थों का प्रमुख केंद्र बताया गया है, जहां 2,218.27 किलोग्राम एटीएस (एम्फेटामाइन-प्रकार के उत्तेजक पदार्थ) जब्त किए गए, जो 12 राज्यों में सबसे अधिक है।

गांजा जब्ती में ओडिशा शीर्ष पर

सबसे अधिक गांजा जब्ती वाले राज्य के रूप में ओडिशा सामने आया है। वर्ष 2020 से 2024 के बीच वहां 8,50,792 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। दूसरे स्थान पर त्रिपुरा रहा, जहां 2,21,731 किलोग्राम, जबकि असम में 1,79,462 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। केवल 2023 में ही ओडिशा में 2,12,000 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया गया।

फार्मास्यूटिकल ड्रग्स की तस्करी भी बढ़ी

रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम और बिहार में औषधीय मादक पदार्थों की जब्ती में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल में कोडीन-आधारित कफ सिरप (CBCS) की 27.5 लाख बोतलें जब्त की गईं, जबकि आसाम में पिछले पांच वर्षों में 1 करोड़ 72 लाख से अधिक नशीली गोलियां जब्त की गईं।

बिहार और झारखंड में अफीम की बड़ी बरामदगी

रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में इस अवधि के दौरान 4,206 किलोग्राम से अधिक अफीम और 3,26,000 किलोग्राम से अधिक खसखस का भूसा जब्त किया गया। वहीं बिहार में 1,920 किलोग्राम अफीम और 35,000 किलोग्राम से अधिक खसखस का भूसा बरामद हुआ।

बेहतर समन्वय की जरूरत

रिपोर्ट में NCB, राज्य पुलिस बलों, सीमा शुल्क विभाग, डीआरआई, बीएसएफ, असम राइफल्स और रेलवे व राजमार्ग निगरानी इकाइयों के बीच बेहतर खुफिया सूचना साझाकरण की आवश्यकता बताई गई है। साथ ही, प्रीकर्सर केमिकल्स के दुरुपयोग, दवा तस्करी और मादक पदार्थ नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की सिफारिश की गई है।

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