नवी मुंबई पुलिस का ‘ऑपरेशन गरुड़ 3’: अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, 25 अफ्रीकी नागरिक हिरासत में

वाशी में 1.26 करोड़ रुपये की कोकीन जब्ती के बाद पलावा सिटी और खोनी गांव में ताबड़तोड़ छापेमारी; मुख्य आरोपी पॉल ओनूच भी दबोचा गया, अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू

नवी मुंबई पुलिस का ‘ऑपरेशन गरुड़ 3’: अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, 25 अफ्रीकी नागरिक हिरासत में

Navi Mumbai Police's 'Operation Garuda 3': International drug syndicate busted, 25 African nationals detained

अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक बेहद बड़े और कड़े एक्शन के तहत नवी मुंबई पुलिस ने ठाणे पुलिस के सहयोग से डोंबिवली के पलावा सिटी और खोनी गांव इलाके में एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया है। ‘ऑपरेशन गरुड़ 3’ के नाम से शनिवार (23 मई)तड़के शुरू की गई इस सामूहिक छापेमारी में पुलिस ने कुल 16 ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर 25 अफ्रीकी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। इस भारी पुलिस बल की अचानक हुई आमद से पूरे इलाके में हड़कंप और अफरातफरी मच गई।

वाशी में ₹1.26 करोड़ की कोकीन जब्ती से जुड़े हैं तार

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नवी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 19 मई को वाशी के जुहूगांव इलाके में एक तलाश अभियान चलाया था। उस कार्रवाई के दौरान एंटी-नारकोटिक्स सेल (एएनसी) ने तीन नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से 252.5 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद की थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1.26 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए जब पुलिस ने पकड़े गए तस्करों से गहन पूछताछ की, तो खुफिया तंत्र से एक बेहद गोपनीय जानकारी हाथ लगी। पुलिस को पता चला कि इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना डोंबिवली के पलावा सिटी और खोनी गांव के रिहायशी इलाकों में छिपा हुआ है। सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए नवी मुंबई और ठाणे पुलिस ने पूरी गोपनीयता बरतते हुए इस संयुक्त ऑपरेशन का खाका तैयार किया।

100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने 16 ठिकानों को घेरा; मुख्य सरगना गिरफ्तार

शनिवार तड़के 25 पुलिस अधिकारियों और लगभग 100 से अधिक पुलिस जवानों की एक भारी-भरकम संयुक्त टीम ने पलावा सिटी और खोनी गांव की चिन्हित 16 सोसायटियों और घरों पर एक साथ धावा बोल दिया। इस औचक कार्रवाई में पुलिस ने 14 पुरुषों, 7 महिलाओं और 4 बच्चों सहित कुल 25 अफ्रीकी मूल के नागरिकों को हिरासत में ले लिया।

इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता जुहूगांव ड्रग तस्करी मामले के मुख्य सरगना की गिरफ्तारी रही। एंटी-नारकोटिक्स सेल ने इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट के मास्टरमाइंड को दबोच लिया, जिसकी पहचान 34 वर्षीय पॉल चिगबाता ओनूच के रूप में हुई है।

अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने की तैयारी

इस सफल और बड़े पुलिस एक्शन पर आधिकारिक जानकारी देते हुए एंटी-नारकोटिक्स सेल के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संदीप निगड़े ने बताया, “जुहूगांव कोकीन जब्ती मामले के मुख्य आरोपी पॉल चिगबाता ओनूच को इस ऑपरेशन के दौरान हिरासत में ले लिया गया है। हिरासत में लिए गए बाकी अन्य विदेशी नागरिकों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके पासपोर्ट, वीजा तथा भारत में रहने से जुड़े अन्य कानूनी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।”

वरिष्ठ अधिकारी ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर सख्त रुख अपनाते हुए आगे कहा, “दस्तावेजों की जांच के दौरान जिन भी विदेशी नागरिकों के पास वैध कागजात नहीं पाए जाएंगे या जो यहां अवैध रूप से रहते हुए पाए जाएंगे, उन्हें देश से वापस भेजने की कानूनी प्रक्रिया भी पुलिस द्वारा शुरू कर दी गई है।”

पुलिस के आला अधिकारियों का मानना है कि मुंबई और ठाणे से सटे इन रिहायशी इलाकों में चलाए गए ‘ऑपरेशन गरुड़ 3’ से ड्रग माफियाओं और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के बीच भारी खौफ का माहौल पैदा हो गया है। पुलिस को उम्मीद है कि मुख्य सरगना पॉल ओनूच से होने वाली पूछताछ में इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के कई और बड़े चेहरों का पर्दाफाश होगा, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।

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