पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भारतीय SIM कार्ड, OTP और संवेदनशील जानकारियां उपलब्ध कराने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पिंगला थाना क्षेत्र के क्षिराई पंचायत निवासी शेख मुरसलीन और सूरजचक निवासी गौतम खारा के रूप में हुई है। STF के अनुसार दोनों पिछले कई वर्षों से इलाके में घर-घर जाकर SIM कार्ड बेचने और उन्हें सक्रिय कराने का काम करते थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक शेख मुरसलीन भारतीय मोबाइल नंबर पाकिस्तान में मौजूद संपर्कों को भेजता था। इसके बाद पाकिस्तानी हैंडलर्स उन नंबरों के जरिए व्हाट्सअप अकाउंट सक्रिय करते थे। जब एक्टिवेशन के लिए OTP भारतीय SIM पर आता था, तब मुरसलीन वह OTP पाकिस्तान भेज देता था। आरोप है कि इसके बदले उसे प्रति OTP ₹3,000 से ₹5,000 तक की रकम मिलती थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपी केवल OTP ही नहीं बल्कि कई संवेदनशील जानकारियां और तस्वीरें भी पाकिस्तान भेजते थे। व्हाट्सअप के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता था और इसके बदले उन्हें पैसे भी मिलते थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौतम खारा और शेख मुरसलीन कई वर्षों से इलाके में ई-रिक्शा के माध्यम से घूम-घूमकर SIM कार्ड बेचते थे। गौतम के ई-रिक्शा का इस्तेमाल इस काम में किया जाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि दोनों मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल इलाकों में जाकर SIM कार्ड बेचते और कई बार बिना जरूरी दस्तावेजों के भी SIM जारी कर देते थे।
जांच एजेंसियों को शक है कि पिछले तीन वर्षों में दोनों ने करीब 400 SIM कार्ड सक्रिय कराने में मदद की। STF ने उनके पास से कई मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में पहले से सक्रिय SIM कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि मोबाइल डेटा की जांच में विदेशी नंबरों, विशेषकर पाकिस्तान से जुड़े संपर्कों के सबूत मिले हैं।
पश्चिम मेदिनीपुर की पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा, “हमें जो जानकारी मिली उसके आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से बड़ी संख्या में SIM कार्ड मिले हैं और कुछ विदेशी संपर्कों और संचार के प्रमाण भी मिले हैं। इन्हीं आधारों पर कार्रवाई की गई है।”
यह गिरफ्तारी मंगलवार शाम STF द्वारा दर्ज किए गए एक मामले के बाद की गई। दोनों आरोपियों को बुधवार को कोलकाता के बिधाननगर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), टेलीग्राफ एक्ट और फॉरेनर्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क का हिस्सा थे या नहीं। STF उनकी यात्रा संबंधी जानकारी भी खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि शेख मुरसलीन कई बार थाईलैंड जा चुका है और इन यात्राओं का खर्च कथित तौर पर पाकिस्तानी एजेंट उठाते थे। अब उसके दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसने पाकिस्तान की भी यात्रा की थी।
हाल के दिनों में मोबाइल नंबरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित हो रहे सीमा पार जासूसी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क हैं। ऐसे में इस गिरफ्तारी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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