31.5 C
Mumbai
Monday, June 15, 2026
होमक्राईमनामाTCS के बाद SBI में ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का आरोप; विवाहित हिंदू महिला...

TCS के बाद SBI में ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का आरोप; विवाहित हिंदू महिला को बनाया निशाना

राजस्थान के उदयपुर में एफआईआर दर्ज

Google News Follow

Related

नाशिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO) यूनिट में महिला कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोप सामने आने के बाद राज्यभर में हंगामा मच गया था। अब इसी तरह का एक और मामला सामने आने से नाराजगी व्यक्त की जा रही है। यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़ा हुआ है, जिस पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

यह मामला मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की बैकबे रिक्लेमेशन शाखा से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि SBI के दो कर्मचारियों, सफिन गोडल और मोहम्मद आदिल, ने एक विवाहित हिंदू महिला अधिकारी को इस्लाम धर्म स्वीकार करने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की। संबंधित महिला अधिकारी उच्च शिक्षित और विवाहित बताई जा रही हैं।

घटना के बाद महिला के पति ने राजस्थान के उदयपुर में FIR दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी और आठ वर्षीय बेटी सफिन के साथ घर छोड़कर चली गईं, जिसके बाद यह शिकायत दर्ज की गई। सफिन गोडल पर महिला के साथ फरार होने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, सफिन गोडल और मोहम्मद आदिल पर महिला के पति को कई बार जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। यह भी कहा गया है कि उन्हें मुंबई वापस न आने की धमकियां दी गईं। इन आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर गुस्सा देखा जा रहा है और कुछ संगठनों ने मामले की गहन जांच की मांग की है। हालांकि, इस मामले पर अभी तक मुंबई पुलिस, राजस्थान पुलिस या एसबीआई प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

इससे पहले नाशिक के मुंबई नाका इलाके में स्थित टाटा कंसल्टेंसी (TCS) के बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO) यूनिट से भी चौंकाने वाले आरोप सामने आए थे। आरोप था कि कंपनी के एचआर मैनेजर द्वारा धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया जा रहा था। नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करना, मांसाहारी भोजन खाने के लिए कहना, हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करना, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करना और उनसे नजदीकी बढ़ाने की कोशिश जैसे आरोप लगाए गए थे। जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिलाएं 18 से 26 वर्ष आयु वर्ग की थीं और ऐसे कथित घटनाक्रम 2022 से चल रहे थे। इसके बाद ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

यह भी पढ़ें:

रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियां बनीं जागरूकता की सबसे बड़ी बाधा!

तेज आंधी और बारिश से बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल ढहा, 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत

सिर्फ 10 मिनट में सीमा पार से घुस आते थे बांग्लादेशी; अवैध प्रवासियों ने खोले दलालों और ‘TMC’ कनेक्शन के राज

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,354फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
314,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें