भारत के लिए पेट्रोलियम लेकर आ रहे एक तेल टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया है। समुद्री यातायात पर नजर रखने वाली विभिन्न वेबसाइट्स से यह जानकारी सामने आई है। ‘निसोस केरोस’ नामक यह जहाज विशाखापट्टनम की ओर बढ़ रहा है और 3 जून तक वहां पहुंचने की संभावना है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला यह जहाज 21 मई को शारजाह से रवाना हुआ था। भारतीय समयानुसार शुक्रवार (29 मई) सुबह 6 बजे यह जहाज भारत के पश्चिमी तट के पास उत्तरी अरब सागर में दिखाई दिया।
इस बीच, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने गुरुवार(28 मई)को जानकारी दी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने पिछले 24 घंटों में 23 व्यापारिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी। इनमें तेल टैंकर और कंटेनर जहाज शामिल थे। ईरानी सेना के अनुसार, सभी जहाजों की आवाजाही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के नौसैनिक अधिकारियों के साथ औपचारिक समन्वय के बाद ही की गई। हालांकि, इस मार्ग से गुजरने के लिए जहाजों से कोई शुल्क लिया गया या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
जहाजों की जानकारी देने वाली संस्था ‘ऑकविसर’ के अनुसार, विशाखापट्टनम की ओर आ रहे ‘निसोस केरोस’ जहाज का स्वामित्व अरेथुसा शिपिंग कॉर्पोरेशन के पास है, जबकि इसका संचालन किक्लेड्स मैरिटाइम कॉर्पोरेशन कर रही है। हुंडई द्वारा निर्मित यह जहाज 333 मीटर लंबा है और इसकी वहन क्षमता 3,18,744 टन या 3,38,648 घनमीटर है।
ईरान पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की चेतावनी दे चुका है। इसी महीने ईरान ने समुद्री यातायात पर नियंत्रण के लिए ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ नामक स्वतंत्र संस्था बनाने की घोषणा की थी। संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने के लिए शुल्क वसूलना अवैध बताया है।
अमेरिका ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त आवाजाही फिर से बहाल करने की मांग की है। फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर बमबारी किए जाने के बाद ईरान पर इस मार्ग में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने और जहाजों पर हमले करने के आरोप लगे थे।
होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त समुद्री यातायात ईरान युद्ध समाप्ति वार्ता का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा, “यह जलडमरूमध्य सभी के लिए खुला रहेगा।” ईरान की कार्रवाइयों से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है। इससे वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। बुधवार को ट्रम्प ने ओमान को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान के साथ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने को लेकर कोई समझौता किया गया, तो अमेरिका ओमान के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। ओमान, होर्मुज जलडमरूमध्य के दूसरी ओर ईरान के सामने स्थित है।
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