इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक कार्यक्रम में कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में यहूदी राष्ट्र को अवैध ठहराने के प्रयास हो रहे हैं, लेकिन भारत में ऐसे प्रयास नहीं दिखाई देते। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में इज़राइल के प्रति बहुत अधिक प्रेम है। गुरुवार को जॉर्डन घाटी में एक नेतृत्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बयान दिया, जिसके बाद एक बार फिर भारत-इज़राइल संबंधों पर चर्चा तेज हो गई है।
नेतन्याहू ने इज़राइल के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीतिक साझेदारियों के विस्तार पर बात करते हुए भारत को एक प्रमुख उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “हम अपने गठबंधनों का विस्तार कर रहे हैं, और जिस बड़े क्षेत्र की आप बात कर रहे हैं, वह भारत नामक एक महाशक्ति के साथ हमारे अनोखे संबंध हैं।” यह बयान सरकारी प्रेस कार्यालय द्वारा जारी एक वीडियो में सामने आया, जिसकी रिपोर्ट पीटीआई ने दी।
Netanyahu:
I’ll say this: we face delegitimization in much of the world — but not in India.
In India, there is an absolutely crazy love for Israel, truly crazy.
I think I have more followers from India than from anywhere else. pic.twitter.com/FRIo2cdVb3
— Clash Report (@clashreport) May 28, 2026
उन्होंने आगे कहा, “दुनिया के कई देशों में हमें अवैध ठहराया जा रहा है, लेकिन भारत में नहीं। भारत में इज़राइल के प्रति अत्यधिक और लगभग अंधा प्रेम है। मुझे लगता है कि दुनिया में किसी भी देश की तुलना में भारत से मेरे सबसे ज्यादा फॉलोअर्स हैं।” यह टिप्पणी उन्होंने इज़राइल पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना के संदर्भ में की।
भारत और इज़राइल के बीच रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, उद्यमिता, सुरक्षा, उभरती तकनीक और साइबर सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतन्याहू के निमंत्रण पर इस वर्ष 25–26 फरवरी को इज़राइल का राजनयिक दौरा किया। यह 2017 में उनकी पहली ऐतिहासिक इज़राइल यात्रा के बाद दूसरा बड़ा दौरा था, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली इज़राइल यात्रा के रूप में दर्ज है।
नेतन्याहू पहले भी कई बार प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों और दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का उल्लेख कर चुके हैं। उन्होंने भारत को “अत्यंत शक्तिशाली” देश बताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को महत्वपूर्ण बताया है।
फरवरी की बैठक में दोनों नेताओं ने तकनीकी नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए एक मजबूत विशेष रणनीतिक साझेदारी के साझा दृष्टिकोण को दोहराया। विदेश मंत्रालय के संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने माना कि भारतीय और इज़राइली क्षमताएँ एक-दूसरे की पूरक हैं, इज़राइल तकनीक और नवाचार का वैश्विक केंद्र है, जबकि भारत प्रतिभा, उत्पादन उत्कृष्टता और उद्यमशील ऊर्जा का केंद्र है।
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