असम पुलिस ने सोमवार(15 सितंबर) को असम सिविल सर्विस (ACS) की एक अधिकारी को डिसप्रोपोशनेट असेट्स (आय से अधिक संपत्ति) रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अफसर नुपुर बोरा गोलाघाट की निवासी हैं, वर्तमान में कामरूप ज़िले के गोराइमारी में सर्किल अफसर के रूप में तैनात थीं।
मुख्यमंत्री की विशेष सतर्कता शाखा (Special Vigilance Cell) की टीम ने गुवाहाटी स्थित उनके आवास पर छापेमारी की, जहां से ₹92 लाख नकद और लगभग ₹1 करोड़ मूल्य के सोने-गहने बरामद किए गए। इसके अलावा बारपेटा में उनके किराए के मकान से ₹10 लाख नकद भी मिला।
नुपुर बोरा 2019 में असम सिविल सर्विस से जुड़ी थीं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि पिछले छह महीनों से उन पर नज़र रखी जा रही थी। उन पर शिकायत थी कि वे ज़मीन से जुड़े विवादित मामलों में संलिप्त रही हैं। सरमा ने आरोप लगाया कि, “जब यह अधिकारी बारपेटा राजस्व मंडल में तैनात थीं, तब उन्होंने पैसे के बदले हिंदुओं की ज़मीन संदिग्ध व्यक्तियों को हस्तांतरित कर दी थी। हमने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में रेवेन्यू सर्किलों में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार फैला हुआ है।
विशेष सतर्कता शाखा ने नुपुर बोरा के कथित सहयोगी सुरजीत डेका के ठिकानों पर भी छापेमारी की। डेका बारपेटा रेवेन्यू सर्किल ऑफिस में लाट मंडल के पद पर कार्यरत हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने नुपुर बोरा के साथ मिलकर कई ज़मीन की ख़रीद-फरोख्त की और अवैध संपत्ति अर्जित की।
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