राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने आतंकवाद से जुड़े एक गंभीर मामले में महाराष्ट्र के हमराज़ वर्शिद शेख को दोषी ठहराते हुए 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी हमराज पर कुल ₹63,000 का जुर्माना भी लगाया है। हमराज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी संगठनों के लिए भर्ती करने का काम करता था। हमराज शेख “कश्मीर पेजेस” नामक इंस्टाग्राम नेटवर्क का इस्तेमाल कर युवाओं को प्रभावित करने और उग्रवादी विचारधारा फैलाने में शामिल था।
NIA की जांच में सामने आया कि आतंकी के संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठनों तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और तालिबान से जुड़े तत्वों से थे। एजेंसी के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए धार्मिक कट्टरता, जिहादी प्रचार और भारत विरोधी सामग्री साझा कर युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
बेंगलुरु स्थित विशेष NIA अदालत ने मामले में प्रस्तुत डिजिटल सबूतों, ऑनलाइन गतिविधियों और जांच रिपोर्टों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने माना कि मुस्लिम कट्टरपंथी की गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा थीं और सोशल मीडिया का इस्तेमाल आतंकी नेटवर्क के विस्तार के लिए किया जा रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इंस्टाग्राम पेजों के जरिए ऐसे कंटेंट साझा किए जाते थे जिनका उद्देश्य युवाओं को उग्रवादी संगठनों की विचारधारा की ओर आकर्षित करना था।
NIA ने अदालत को बताया कि हमराज शेख ऑनलाइन माध्यमों के जरिए कट्टरपंथी नैरेटिव को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। जांच में कुछ अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और संदिग्ध डिजिटल कम्युनिकेशन की भी जानकारी सामने आई थी, जिनका संबंध आतंकवादी नेटवर्क से है।
विशेष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि देश की सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता के खिलाफ काम करने वाली गतिविधियों को गंभीरता से देखने की आवश्यकता है। अदालत ने यह भी माना कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का इस्तेमाल अब आतंकवादी संगठन नए भर्ती तंत्र के रूप में कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चुनौतियां बढ़ी हैं।
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