पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक बड़ी छापेमारी में पुलिस ने ₹28 करोड़ से ज़्यादा कैश और 15 kg सोना ज़ब्त किया है। सोने की कीमत करीब ₹21 करोड़ आंकी गई है। इस तरह, कुल ज़ब्त किया गया सामान करीब ₹49 करोड़ है। नोटों का ढेर इतना बड़ा था कि उन्हें गिनते समय 5 करेंसी काउंटिंग मशीनें खराब हो गईं।
पुलिस ने आरोपी मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। वह पहले बस ड्राइवर था। बाद में वह पत्थर के कारोबार में शामिल हो गया। पुलिस के मुताबिक, वह पत्थर व्यापारी तुलु मंडल का रिश्तेदार है। तुलु मंडल वही व्यक्ति है जिसने 2024 में अपनी बेटी की शादी में करीब ₹100 करोड़ खर्च किए थे।
अब पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि करोड़ों रुपये का कैश और सोना कहां से आया और इसके पीछे किसका नेटवर्क था। इस बीच, बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ऑपरेशन की तारीफ़ की और कहा कि लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों (कानून लागू करने वाली एजेंसियों) ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने रेड की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं।
मीनार मंडल पहले स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में बस ड्राइवर का काम करता था। बाद में, वह पत्थर के बिज़नेस में आ गया। पुलिस के मुताबिक, वह पत्थर के बिज़नेसमैन तुलु मंडल का रिश्तेदार है और उसकी पत्थर की खदान और क्रशिंग यूनिट से भी जुड़ा था। तुलु मंडल को TMC के पूर्व नेता अनुब्रत मंडल का करीबी माना जाता है। वह इसी महीने TMC में रीताब्रत बनर्जी गुट में शामिल हुआ था।
रेड में क्या मिला
पुलिस ने बुधवार रात एक टिप-ऑफ़ के आधार पर रेड शुरू की। शुरुआत में, लगभग ₹5.5 करोड़ कैश बरामद हुआ, लेकिन जब तक नोटों की गिनती पूरी हुई, यह रकम बढ़कर ₹28 करोड़ से ज़्यादा हो गई थी। ऑपरेशन के दौरान 15 kg सोना भी ज़ब्त किया गया, जिसकी बाज़ार में कीमत करीब ₹21 करोड़ बताई जा रही है। इस तरह, कुल ज़ब्त किया गया सोना करीब ₹49 करोड़ का था। इतनी बड़ी मात्रा में नोट मिलने की वजह से उन्हें गिनने में कई घंटे लग गए और इस दौरान 5 करेंसी गिनने वाली मशीनें खराब हो गईं। गिरफ़्तारी के बाद मीनार मंडल ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि ज़ब्त किया गया कैश और सोना तुलु मंडल और उसके कथित गैर-कानूनी सिंडिकेट का है। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच तेज़ कर दी है।
TMC बनाम TMC की राजनीति जारी
इतनी बड़ी जब्ती के बाद तृणमूल कांग्रेस में भी राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। पार्टी के दोनों गुट एक-दूसरे पर आरोपियों से संबंध होने का आरोप लगा रहे हैं। TMC MLA कुणाल घोष ने कहा कि जिनके घर जब्त किए गए हैं, वे कुछ ऐसे नेताओं के करीबी बताए जाते हैं जो खुद को “अच्छा TMC” कहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर जरूरी हो तो उन नेताओं की भी जांच होनी चाहिए। TMC MP कल्याण बनर्जी ने कहा कि बीरभूम को लंबे समय से TMC के एक पूर्व मंत्री और “टाइगर ऑफ बीरभूम” का गढ़ माना जाता था। अब मुख्यमंत्री को जांच कर पता लगाना चाहिए कि आरोपियों का उन प्रभावशाली नेताओं से क्या कनेक्शन था।
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