दो विधायकों की हत्या का आरोपी सुरेश समेत नौ नक्सलियों का आत्मसमर्पण

आंध्र प्रदेश में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

दो विधायकों की हत्या का आरोपी सुरेश समेत नौ नक्सलियों का आत्मसमर्पण

Nine Naxalites, including Suresh, accused of killing two MLAs, surrender

केंद्र सरकार ने नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की अंतिम समयसीमा तय की है। इस समयसीमा से 24 घंटे पहले आंध्र प्रदेश के सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रमुख माओवादी कमांडर सुरेश सहित नौ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। जानकारी के अनुसार, यह कमांडर पिछले 36 वर्षों से भूमिगत था। अब नक्सलियों पुनर्वास कर इन्हें मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जाएंगे।

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आत्मसमर्पण करने वाले नौ नक्सलियों में सुरेश के नाम से पहचाने जाने वाला शीर्ष माओवादी कमांडर चेल्लुरी नारायण राव भी शामिल हैं, जो पिछले 36 वर्षों से भूमिगत था। सुरेश, सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य और आंध्र–ओडिशा सीमा विशेष क्षेत्रीय समिति का सचिव था। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के प्लाटून कमांडर और क्षेत्रीय समिति के सदस्य सहित अन्य आठ नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया। सभी ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरीश कुमार गुप्ता के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण करने वाले इस वरिष्ठ कमांडर सुरेश और अन्य माओवादियों के बारे में पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं। सुरेश आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कई बड़े माओवादी हमलों में शामिल रहा है। वर्ष 2018 में पूर्व विधायक किदारी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक शिवरी सोमेश्वर राव की हत्या के मामले में वह मुख्य आरोपी था। इसके अलावा, पुलिस बलों पर कई हमलों में भी उसका नाम सामने आया है।

पुलिस ने माओवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं, जिनमें एक INSAS राइफल, दो BGL हथियार, पांच .303 राइफलें, पांच SBBL बंदूकें और छह सिंगल-शॉट राइफलें शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में विस्फोटक, गोला-बारूद और संचार उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

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