गाज़ियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में शनिवार (14 मार्च) को छह लोगों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी देश के सैन्य ठिकानों और अन्य संवेदनशील स्थानों के वीडियो और फोटो केवल पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन और मलेशिया के मोबाइल नंबरों पर भी भेज रहे थे। इस गिरोह ने दिल्ली के कुछ स्थानों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे भी लगाए थे, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। आरोपी पाकिस्तान में बैठे अपने संचालक को “सरदार” नाम से संबोधित करते थे।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान सुहेल मलिक, प्रवीण, राज, शिवा और ऋतिक को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने छठे आरोपी इरम उर्फ महक को भी गिरफ्तार किया। आरोपियों के मोबाइल फोन से दिल्ली स्थित आर्मी, बीएसएफ और सीआरपीएफ कार्यालयों समेत कई संवेदनशील स्थानों के 50 से अधिक वीडियो बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार पाकिस्तान में रहने वाला सरदार आरोपियों से लगातार वीडियो और लोकेशन मंगवाता था और इसके बदले उन्हें करीब 8,000 रुपये देता था। इरम उर्फ महक गिरोह में नए सदस्यों की भर्ती करता था और उनसे संपर्क बनाए रखता था। सरदार के निर्देश पर दिल्ली के दो स्थानों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाए गए थे, जिनके माध्यम से सीधे निगरानी की जाती थी।
इसके अलावा, गिरफ्तार आरोपियों के पास से ब्रिटेन और मलेशिया के मोबाइल नंबर भी बरामद किए गए हैं, जिन पर वीडियो और फोटो भेजे जाते थे। वहां से भेजी गई सामग्री कुछ ही समय बाद हटा दी जाती थी। काम पूरा होने के बाद सरदार के निर्देश पर सुहेल जासूसी करने वालों को पैसे देता था। वह अपने बैंक खाते या UPI का उपयोग नहीं करता था, बल्कि परिचितों या दोस्तों के माध्यम से भुगतान कराकर उन्हें नकद राशि देता था। पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन खातों से पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उनके धारकों की भी तलाश की जा रही है।
राज दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करता था। जानकारी के अनुसार उसने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन और आर्मी कैंट क्षेत्र के पास सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। कुछ समय पहले राज ने अपना फूड स्टॉल बंद कर एक आईफोन खरीदा था। इस पर संदेह बढ़ने के बाद पुलिस को पता चला कि राज और उसके साथी वीडियो भी रिकॉर्ड कर रहे थे। इसके बाद राज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में राज ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ी, पूरे मामले का खुलासा होता गया।
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