शुरू होने से पहले ‘स्कैम कॉल सेंटर’ का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

शुरू होने से पहले ‘स्कैम कॉल सेंटर’ का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

Scam call centre busted before it could even begin, three accused arrested

महाराष्ट्र में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिंपरी-चिंचवड पुलिस की साइबर पुलिस ने नवी मुंबई में शुरू होने जा रहे एक फर्जी कॉल सेंटर के प्लान को समय रहते नाकाम कर दिया। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर बड़े पैमाने पर निवेश घोटाले को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुशील भगवान जुवातकर (42), पंकज राज कपूर (38) और निश्छल टैंकबीर बरेली (27) के रूप में हुई है। तीनों फिलहाल नवी मुंबई में रह रहे थे और यहीं से फर्जी कॉल सेंटर शुरू करने की योजना बना रहे थे। यह कार्रवाई पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पहले बैंकॉक और म्यांमार में ऐसे ही साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर में काम कर चुके थे और उसी अनुभव के आधार पर भारत में नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी कर रहे थे।

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक स्थानीय कारोबारी से 2.09 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत सामने आई। आरोपियों ने उसे आईपीओ और शेयर बाजार में ऊंचे रिटर्न का लालच देकर फंसाया था। जांच के दौरान 1.25 लाख रुपये के एक बैंक ट्रांजैक्शन से अहम सुराग मिला, जिसके जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

जांच में आगे बढ़ते हुए पुलिस ने पहले सुशील जुवातकर को पकड़ा, जिसके बाद उसके सहयोगी पंकज कपूर और निश्छल बरेली को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों विदेश में साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर में काम कर चुके थे और जुवातकर के निर्देश पर यहां भी वैसा ही सेटअप तैयार कर रहे थे।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने छह मोबाइल फोन, तीन पासपोर्ट, दो लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पीओएस मशीनें, क्यूआर कोड स्कैनर, डेबिट कार्ड, कई बैंक अकाउंट किट और रबर स्टैम्प समेत बड़ी मात्रा में उपकरण जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार, इनका इस्तेमाल फर्जी कॉल सेंटर चलाने और लोगों को ठगने के लिए किया जाना था।

पुलिस ने ठगी की रकम में से 62 लाख रुपये फ्रीज भी कर लिए हैं, जिससे पीड़ित को आंशिक राहत मिली है। बाकी रकम का पता लगाने और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट को शुरू होने से पहले ही खत्म कर दिया गया। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

यह भी पढ़ें:

नकली टूथपेस्ट फैक्ट्री का भंडाफोड़: ‘सेंसोडाइन’ ब्रांड के नाम पर बन रहे थे फर्जी उत्पाद

पाकिस्तान: तेल के साथ बिजली संकट भी गहराया, कोयला कमी से 30% बिजली उत्पादन पर खतरा

पश्चिम एशिया संकट पर कांग्रेस में फूट

होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर सातवां एलपीजी टैंकर भारत के लिए रवाना

Exit mobile version