मध्य-पूर्व के संकट के बीच तनाव बना हुआ है। इसी बीच भारत के लिए कुछ राहत देने वाली खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला सातवां एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन सान्वी’ होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार करने में सफल हो गया है। इससे उम्मीद है कि यह जहाज जल्द ही भारत पहुंच जाएगा। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद अब तक छह एलपीजी टैंकर होर्मुज़ पार कर भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच चुके हैं। अब सातवां टैंकर भी भारत की ओर बढ़ रहा है, जिससे मौजूदा एलपीजी की कमी से राहत मिलने की संभावना है।
हालांकि, 17 भारतीय जहाज अब भी होर्मुज़ के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं। इनमें ‘ग्रीन आशा’ और ‘जग विक्रम’ जैसे एलपीजी से भरे दो जहाज भी शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ये दोनों जहाज जल्द ही होर्मुज़ पार कर भारत के लिए रवाना हो सकते हैं। इसके अलावा, एलपीजी ले जा रहे तीन भारतीय जहाज फिलहाल पर्शियन गल्फ में अबू मूसा द्वीप के उत्तर-पूर्व में रुके हुए हैं और भारतीय नौसेना के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ने के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
इसी बीच, ईरान से भारत के लिए कच्चा तेल लेकर जा रहे एक विदेशी जहाज ने रास्ते में अचानक अपना गंतव्य बदल लिया और अब वह चीन की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे भुगतान से जुड़ा मुद्दा हो सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि विक्रेताओं ने अपनी शर्तें सख्त कर दी हैं। यदि भुगतान से जुड़े मुद्दे सुलझ जाते हैं, तो यह खेप बाद में भारतीय रिफाइनरी तक पहुंच सकती है।
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