महाराष्ट्र के नासिक में खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले तथाकथित “कैप्टन” अशोक खरात का कथित आपराधिक साम्राज्य अब जांच के घेरे में है। यौन शोषण, धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और अवैध संपत्ति से जुड़े गंभीर आरोपों के बीच पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर मामले की तह तक पहुंचने की कार्रवाई तेज कर दी है। वहीं जांच में सामने आया है की, राज्य के बड़े बड़े नेता जिसे अपना अंकशास्त्री मानते रहे वह स्कूली शिक्षा के दौरान गणित की परीक्षा में फेल हो चूका है।
दरअसल एक महिला ने नासिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि अशोक खरात ने ‘सिद्ध पूजा’ के नाम पर उसका यौन शोषण किया। जांच में सामने आया कि वह महिलाओं को आध्यात्मिक उपायों के नाम पर अपने जाल में फंसाता था और अनुष्ठानों के दौरान उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था। देखते ही देखते 6 महिलाओं ने बलात्कार और यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई, जबकि कई अन्य महिलाओं ने भी प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
जांच में सामने आया कि अशोक खरात का असली नाम लक्ष्मण एकनाथ खरात है। उसने खुद को मर्चेंट नेवी का ‘कैप्टन’ बताकर समाज में प्रभाव बनाया, हालांकि इस दावे के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। पुलिस उसकी शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर दावों की भी जांच कर रही है। रोचक तथ्य यह भी सामने आया कि 1983 में 10वीं की परीक्षा में वह गणित विषय में फेल हुआ था, बावजूद इसके वह खुद को अंकशास्त्र (न्यूमेरोलॉजी) का विशेषज्ञ बताकर लोगों को सलाह देता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को हेल्पलाइन नंबर जारी करना पड़ा। SIT को अब तक 100 से अधिक कॉल प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें कई महिलाओं ने शोषण की जानकारी दी है। पुलिस इन शिकायतों का सत्यापन कर रही है और आने वाले दिनों में FIR की संख्या बढ़ने की संभावना है। एक पूर्व कर्मचारी ने भी मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि खरात ने उसकी गर्भवती पत्नी के साथ भी दुष्कर्म किया।
नासिक के कनाडा कॉर्नर स्थित कार्यालय और फार्महाउस पर छापेमारी के दौरान पुलिस को 100 से अधिक अश्लील वीडियो, एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए। जांच में करीब 170 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का भी खुलासा हुआ है, जिसमें नासिक और शिरडी के कई प्रीमियम इलाके शामिल हैं।
खरात पर आरोप है कि वह ‘काला जादू’, ‘सर्प दोष’ और ‘दिव्य शक्तियों’ का भय दिखाकर लोगों से भारी रकम वसूलता था। पुणे के एक कारोबारी ने आरोप लगाया है कि डर और लालच का इस्तेमाल कर उससे करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी की गई, जिसमें विदेश यात्राएं और महंगी लग्जरी वस्तुएं शामिल थीं।
जांच के दौरान खरात के कई राजनेताओं और रसूखदार लोगों से संबंधों दिखे हैं। इस मामले में राजनीतिक विवाद भी गहराया, जब कुछ सार्वजनिक हस्तियों के साथ उसकी तस्वीरें सामने आईं। बढ़ते दबाव के बीच एक प्रमुख महिला नेता ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। आरोप है कि अशोक खरात से संबंधित निजी ट्रस्ट को 2020 में 39 लाख लीटर पानी प्रतिदिन आवंटित किया गया, जबकि क्षेत्र के किसान पानी की कमी से जूझ रहे थे। इसके अलावा, संस्थान को सरकारी फंडिंग भी मिली, जिससे जांच एजेंसियां संभावित अनियमितताओं की पड़ताल कर रही हैं।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा, “अशोक खरात के साथ जिसका भी कनेक्शन निकलेगा, चाहे वह कितना ही बड़ा क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। दूर-दूर का रिश्ता रखने वालों पर भी गाज गिरेगी।”
जांच एजेंसियों का अनुमान है कि खरात का कुल साम्राज्य 300 से 500 करोड़ रुपये तक का हो सकता है। कॉल रिकॉर्ड, बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच जारी है। फिलहाल, SIT प्रमुख तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ रही है। यह मामला न केवल एक व्यक्ति के कथित अपराधों का खुलासा है, बल्कि उन संगठित नेटवर्क्स पर भी सवाल खड़े करता है जो आस्था के नाम पर लोगों का शोषण करते हैं।
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